PM आवास योजना में सुस्ती पर सख्ती तय: दो महीने में 5 हजार घरों की नींव भी नहीं रखी गई, अफसरों पर गिरेगी गाज
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत छत्तीसगढ़ में लापरवाही अब अफसरों पर भारी पड़ने वाली है। हाल ही में हुए एक रिव्यू में सामने आया कि 5,103 स्वीकृत आवासों की दो महीने बीत जाने के बाद भी नींव तक नहीं डाली गई है। यह स्थिति न केवल प्रशासनिक ढिलाई को उजागर करती है, बल्कि गरीबों को समय पर मकान देने की प्रधानमंत्री की मंशा पर भी सवाल उठाती है।
राज्य सरकार ने निर्माण कार्यों में देरी को गंभीरता से लिया है और साफ कर दिया है कि अब लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई तय है। संबंधित ज़िलों के कलेक्टरों को चेतावनी दे दी गई है कि अगर निर्माण की गति नहीं बढ़ी, तो जिम्मेदार इंजीनियरों और अधिकारियों को निलंबित किया जाएगा।
यह योजना उन जरूरतमंद लोगों के लिए है जिनके पास रहने को पक्का मकान नहीं है। केंद्र और राज्य दोनों सरकारें इस योजना में भारी निवेश कर रही हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर क्रियान्वयन की धीमी रफ्तार सरकार की छवि पर असर डाल रही है।
मुख्य सचिव स्तर पर हुई बैठक में यह जानकारी सामने आई और अब शासन स्तर से सीधे मॉनिटरिंग की जा रही है। लक्ष्य है कि तय समयसीमा में सभी घरों का निर्माण शुरू कर लिया जाए ताकि लाभार्थियों को समय पर आवास मिल सके।
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