खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का भव्य समापन: जनजातीय प्रतिभाओं को मिला राष्ट्रीय मंच, हर साल छत्तीसगढ़ में होगा आयोजन
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का भव्य समापन: जनजातीय प्रतिभाओं को मिला राष्ट्रीय मंच, हर साल छत्तीसगढ़ में होगा आयोजन
रायपुर, 03 अप्रैल 2026।छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का भव्य समापन हुआ। 10 दिनों तक चले इस आयोजन ने देशभर की जनजातीय प्रतिभाओं को एक बड़ा मंच प्रदान किया और खेल जगत में नई ऊर्जा का संचार किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि इस आयोजन ने पूरे देश का ध्यान छत्तीसगढ़ की ओर आकर्षित किया है। उन्होंने इसे जनजातीय खिलाड़ियों की प्रतिभा को सामने लाने का ऐतिहासिक अवसर बताया और घोषणा की कि अब यह खेल आयोजन हर वर्ष छत्तीसगढ़ में किया जाएगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मार्गदर्शन को इसका प्रमुख कारण बताया, वहीं केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया के सहयोग की सराहना की।
जनजातीय खेल प्रतिभाओं का महाकुंभ
इस प्रतियोगिता में देश के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 2000 से अधिक जनजातीय खिलाड़ियों ने भाग लिया। तीरंदाजी, दौड़, कुश्ती जैसे पारंपरिक खेलों के साथ आधुनिक खेलों में भी खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। आयोजन ने यह साबित किया कि प्रतिभा केवल शहरों तक सीमित नहीं, बल्कि दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में भी भरपूर मौजूद है।
पदक तालिका में कर्नाटक शीर्ष पर
पदक तालिका में कर्नाटक ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि ओडिशा दूसरे और झारखंड तीसरे स्थान पर रहे। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 19 पदक (3 स्वर्ण, 10 रजत, 6 कांस्य) जीते।
छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन
स्विमिंग में अनुष्का भगत ने 4 रजत पदक जीते
निखिल खलखो और न्यासा पैकरा ने भी पदक हासिल किए
एथलेटिक्स में सिद्धार्थ नागेश ने स्वर्ण और रजत पदक जीते
वेटलिफ्टिंग में निकिता ने स्वर्ण पदक जीता
बालिका फुटबॉल टीम ने स्वर्ण और बालक हॉकी टीम ने कांस्य पदक जीता
खिलाड़ियों के लिए नगद पुरस्कार की घोषणा
राज्य सरकार ने पदक विजेताओं के लिए आकर्षक नगद पुरस्कार की घोषणा की:
व्यक्तिगत स्पर्धा
स्वर्ण: ₹2 लाख
रजत: ₹1.5 लाख
कांस्य: ₹1 लाख
दलीय स्पर्धा
स्वर्ण: ₹1 लाख
रजत: ₹75 हजार
कांस्य: ₹50 हजार
खिलाड़ियों को मिलेगा नया अवसर
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि यह आयोजन जनजातीय खिलाड़ियों के लिए नए अवसरों का द्वार साबित हुआ है। उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों के लिए आवास, भोजन और अन्य व्यवस्थाएं बेहतर ढंग से सुनिश्चित की गईं, साथ ही छत्तीसगढ़ की संस्कृति और आतिथ्य का अनुभव भी कराया गया।
अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की मौजूदगी
समापन समारोह में अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर मेरीकॉम और फुटबॉलर बाइचुंग भूटिया विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए, जिससे आयोजन की गरिमा और बढ़ गई।
छत्तीसगढ़ बनेगा जनजातीय खेलों का केंद्र
समारोह के अंत में यह विश्वास जताया गया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ जनजातीय खेलों का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा और यहां के खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करेंगे।
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