पत्रकार भवन में बड़ा खुलासा: पुलिस कर्मचारी साख समिति घोटाले में CBI-CID जांच की मांग, 15 अगस्त तक कार्रवाई नहीं हुई तो आत्मदाह की चेतावनी

Major revelation at Patrakar Bhavan: Demand for CBI-CID probe into the police personnel credit society scam; threat of self-immolation if no action is taken by August 15.
 0
पत्रकार भवन में बड़ा खुलासा: पुलिस कर्मचारी साख समिति घोटाले में CBI-CID जांच की मांग, 15 अगस्त तक कार्रवाई नहीं हुई तो आत्मदाह की चेतावनी

पत्रकार भवन में बड़ा खुलासा: पुलिस कर्मचारी साख समिति घोटाले में CBI-CID जांच की मांग, 15 अगस्त तक कार्रवाई नहीं हुई तो आत्मदाह की चेतावनी

जगदलपुर। शहर के पत्रकार भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक एम. सत्यदेव शर्मा ने छत्तीसगढ़ पुलिस कर्मचारी साख एवं कल्याण सहकारी समिति, 5वीं वाहिनी कांगोली में कथित करोड़ों रुपये के वित्तीय घोटाले को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पूरे मामले की CBI, CID या SIT से निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि 15 अगस्त 2026 तक उच्चस्तरीय जांच शुरू नहीं हुई, तो उनका परिवार जगदलपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने आत्मदाह करेगा।

शर्मा ने आरोप लगाया कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई के बजाय चयनात्मक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि एक ओर प्रआर-529 शिवकांत तिवारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, जबकि उसी एफआईआर में नामजद प्रआर-787 संजय सिंह चौहान के खिलाफ अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।

उन्होंने दावा किया कि शिवकांत तिवारी को बिना पर्याप्त जांच और ठोस साक्ष्यों के गिरफ्तार किया गया, जबकि दूसरे आरोपी को केवल अवकाश पर भेजा गया। उनके अनुसार, कथित गबन की राशि का सही आकलन, बैंक खातों की जांच, चल-अचल संपत्तियों का सत्यापन और वित्तीय लेन-देन की विस्तृत पड़ताल अब तक नहीं की गई है।

सत्यदेव शर्मा ने कहा कि कर्मचारी साख एवं कल्याण समिति का वर्ष 2012 के बाद अनिवार्य ऑडिट नहीं कराया गया, जबकि नियमों के अनुसार नियमित ऑडिट आवश्यक था। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये के लेन-देन के बावजूद ऑडिट नहीं होना पूरे मामले को संदेहास्पद बनाता है। उन्होंने समिति के तत्कालीन पदाधिकारियों, संजय सिंह चौहान और गणेश कश्यप की भूमिका की भी स्वतंत्र जांच कराने की मांग की।

पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार समिति में आरडी, एफडी, बचत जमा, शेयर राशि और ऋण वितरण के माध्यम से करोड़ों रुपये का वित्तीय लेन-देन हुआ। गैस एजेंसी में निवेश, बड़े ऋण, बैंक खातों और अन्य वित्तीय गतिविधियों की गहन जांच के बिना वास्तविक दोषियों तक पहुंचना संभव नहीं होगा। उन्होंने सभी संबंधित व्यक्तियों की चल-अचल संपत्तियों की जांच कर कथित गबन की राशि की वसूली करने की मांग भी की।

शर्मा ने यह भी कहा कि शिवकांत तिवारी के पास केवल पैतृक संपत्ति और एक साधारण आवास है, जबकि अन्य आरोपियों की कथित संपत्तियों की भी जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने गणेश कश्यप के कथित फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पाने के मामले की स्वतंत्र जांच कराने की भी मांग उठाई।

उन्होंने आरोप लगाया कि सेवा के दौरान शिवकांत तिवारी को एक साथ कई शाखाओं का कार्यभार सौंपा गया था, लेकिन पूरे मामले के कथित मास्टरमाइंड की पहचान और भूमिका की अब तक निष्पक्ष जांच नहीं की गई है। उनका कहना है कि CBI, CID या SIT से जांच कराई जाए, ताकि पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आ सके और वास्तविक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो।

15 अगस्त तक कार्रवाई नहीं हुई तो आत्मदाह की चेतावनी

पत्रकार वार्ता के दौरान सत्यदेव शर्मा ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 अगस्त 2026 तक उच्चस्तरीय जांच समिति गठित कर निष्पक्ष जांच शुरू नहीं की गई और सभी आरोपियों पर समान कार्रवाई नहीं हुई, तो 90 वर्षीय कलावती तिवारी, वंदना तिवारी, अर्पित तिवारी और अनुष्का तिवारी सहित पूरा परिवार जगदलपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने आत्मदाह करेगा। उन्होंने कहा कि ऐसी किसी भी अप्रिय घटना की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित जांच एजेंसियों की होगी।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0