तारा कोल ब्लॉक पर भाजपा का कांग्रेस पर पलटवार, बोली- अपने पुराने फैसलों का जवाब दे कांग्रेस सौरभ सिंह का आरोप
तारा कोल ब्लॉक पर भाजपा का कांग्रेस पर पलटवार, बोली- अपने पुराने फैसलों का जवाब दे कांग्रेस
सौरभ सिंह का आरोप- जिस तारा कोल ब्लॉक के लिए भूपेश बघेल ने केंद्र से की थी मांग, आज उसी के नाम पर बहा रहे घड़ियाली आंसू..
रायपुर। तारा कोल ब्लॉक को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासी घमासान तेज हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश के विरोध पर भाजपा ने तीखा पलटवार किया है। छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम (CMDC) के अध्यक्ष सौरभ सिंह ने कांग्रेस पर दोहरा चरित्र अपनाने और प्रदेश की जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है।
सौरभ सिंह ने कहा कि कांग्रेस आज जिस तारा कोल ब्लॉक और हसदेव-अरण्य क्षेत्र को लेकर पर्यावरण का मुद्दा उठा रही है, उसी तारा कोल ब्लॉक को CMDC को दिलाने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वयं केंद्र सरकार से आग्रह किया था। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि तारा कोल ब्लॉक से खनन पर्यावरण के लिए इतना ही विनाशकारी था, तो मुख्यमंत्री रहते हुए भूपेश बघेल ने इसे CMDC को आवंटित करने की मांग क्यों की थी?
'भूपेश बघेल ने खुद केंद्र से की थी तारा ब्लॉक की मांग'
भाजपा नेता ने कहा कि जून 2021 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय कोयला मंत्री के समक्ष तारा कोल ब्लॉक CMDC को देने की मांग रखी थी। ऐसे में अब उसी परियोजना का विरोध कांग्रेस के राजनीतिक दोहरेपन को सामने लाता है।
सौरभ सिंह ने कहा कि कांग्रेस को जनता के सामने यह स्पष्ट करना चाहिए कि उसके शासनकाल में तारा कोल ब्लॉक को लेकर क्या निर्णय लिए गए थे और आज उसका विरोध किस आधार पर किया जा रहा है।
जयराम रमेश पर भी भाजपा का हमला
हसदेव-अरण्य में खनन को लेकर भी भाजपा ने कांग्रेस पर सवाल खड़े किए। सौरभ सिंह ने आरोप लगाया कि हसदेव-अरण्य क्षेत्र में खनन की प्रक्रिया कांग्रेस नेतृत्व वाली UPA सरकार के कार्यकाल में ही आगे बढ़ी थी।
उन्होंने कहा कि तारा और परसा ईस्ट एवं केते बासन (PEKB) परियोजनाओं के संबंध में Forest Advisory Committee (FAC) की अनुशंसा के बावजूद तत्कालीन केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री जयराम रमेश के कार्यकाल में वन स्वीकृति से जुड़े निर्णय लिए गए। भाजपा के मुताबिक तारा को 23 जून 2011 को स्टेज-I वन स्वीकृति दी गई थी।
सौरभ सिंह ने कहा कि आज जयराम रमेश तारा कोल ब्लॉक को लेकर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन कांग्रेस को पहले अपने शासनकाल में लिए गए फैसलों का जवाब देना चाहिए।
'अभी तारा में खनन की अनुमति नहीं'
भाजपा ने यह भी स्पष्ट किया कि तारा कोल ब्लॉक की नीलामी होने का मतलब यह नहीं है कि तत्काल खनन शुरू हो गया है। सौरभ सिंह के अनुसार, भारत सरकार की खुली और प्रतिस्पर्धी commercial coal e-auction प्रक्रिया में CG Syn-Gas and Chemicals Limited सफल बोलीदाता रही है।
उन्होंने कहा कि वास्तविक खनन शुरू करने से पहले वन स्वीकृति समेत सभी आवश्यक वैधानिक और पर्यावरणीय अनुमतियां हासिल करना तथा निर्धारित शर्तों को पूरा करना अभी बाकी है। इसलिए कांग्रेस द्वारा नीलामी को सीधे जंगल कटाई और खनन की अनुमति के रूप में प्रस्तुत करना तथ्यात्मक रूप से गलत है।
'10 लाख पेड़ काटने का दावा सफेद झूठ'
तारा परियोजना में लाखों पेड़ों की कटाई के कांग्रेस के दावे पर भी भाजपा ने सवाल उठाए हैं। सौरभ सिंह ने कहा कि 10 लाख से अधिक पेड़ काटे जाने का दावा सही नहीं है। उन्होंने कहा कि मोटे आकलन के अनुसार तारा परियोजना में इसके दसवें हिस्से के आसपास भी पेड़ों की कटाई मुश्किल से होगी और यह कटाई भी अलग-अलग चरणों में प्रस्तावित है।
उन्होंने कहा कि किसी भी संभावित वृक्ष कटाई को राज्य में चल रहे बड़े पैमाने के वृक्षारोपण और हरित आवरण में हुई वृद्धि के व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिए।
भाजपा का दावा- छत्तीसगढ़ में बढ़ा वन एवं वृक्ष आवरण
सौरभ सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने पिछले दो वर्षों में करीब 7 करोड़ पौधे लगाने का अभियान चलाया है। सरकार का दावा है कि विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने पर भी लगातार काम किया जा रहा है।
उन्होंने India State of Forest Report-2023 का हवाला देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के वन एवं वृक्ष आवरण में 683.62 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। भाजपा नेता के मुताबिक, यह वृद्धि देश में सर्वाधिक है।
इसी आधार पर उन्होंने कांग्रेस पर छत्तीसगढ़ के जंगल लगातार कम होने का माहौल बनाने का आरोप लगाया और कहा कि नवीनतम आधिकारिक आंकड़े कांग्रेस के दावों पर सवाल खड़े करते हैं।
भाजपा ने भूपेश बघेल और जयराम रमेश से पूछे सवाल
सौरभ सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और जयराम रमेश से सवाल किया कि यदि तारा कोल ब्लॉक में खनन पर्यावरण के लिए इतना नुकसानदायक था, तो कांग्रेस शासनकाल में इससे जुड़े वन स्वीकृति के फैसले क्यों लिए गए? उन्होंने भूपेश बघेल से पूछा कि मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने तारा कोल ब्लॉक CMDC को आवंटित करने के लिए केंद्र सरकार से आग्रह क्यों किया था?
भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस को आधे-अधूरे तथ्यों के आधार पर भय का वातावरण बनाने के बजाय अपने शासनकाल के फैसलों पर जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग विकास, रोजगार और आर्थिक प्रगति के लिए करेगी, लेकिन इसके साथ जंगल, पर्यावरण और जनजातीय हितों की सुरक्षा के लिए सभी वैधानिक प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
सौरभ सिंह ने दावा किया कि तारा कोल ब्लॉक को लेकर कांग्रेस का राजनीतिक विरोध और कथित दोहरा चरित्र अब जनता के सामने उजागर हो चुका है।
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