छत्तीसगढ़ नर्सिंग काउंसिल में बड़ा एक्शन: रजिस्ट्रार दुर्गावती कुंजाम सस्पेंड, यूनियन ने भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों पर भी कार्रवाई की उठाई मांग

Major action in Chhattisgarh Cooperative Society: Skating Durgavati Kunjram Apartment, union demands action against employees and officials as well
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छत्तीसगढ़ नर्सिंग काउंसिल में बड़ा एक्शन: रजिस्ट्रार दुर्गावती कुंजाम सस्पेंड, यूनियन ने भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों पर भी कार्रवाई की उठाई मांग

छत्तीसगढ़ नर्सिंग काउंसिल में बड़ा एक्शन: रजिस्ट्रार दुर्गावती कुंजाम सस्पेंड, यूनियन ने भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों पर भी कार्रवाई की उठाई मांग

रायपुर छत्तीसगढ़ नर्सिंग काउंसिल में बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत रजिस्ट्रार दुर्गावती कुंजाम को सस्पेंड कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद नर्सिंग शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर बहस तेज हो गई है। यूनियन अध्यक्ष अजय त्रिपाठी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम सराहनीय है, लेकिन इससे जुड़े भ्रष्टाचार में शामिल इंस्पेक्शन कमेटी के अधिकारियों और अन्य जिम्मेदार लोगों पर भी सख्त कार्रवाई जरूरी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में पिछले 25 वर्षों में नर्सिंग कॉलेजों की संख्या बढ़कर करीब 150 तक पहुंच गई है, जिनमें कई निजी संस्थानों को बिना इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) की मान्यता के ही संचालन की अनुमति दी गई। रायपुर और धमतरी सहित कई जिलों में ऐसे कॉलेज संचालित हो रहे हैं, जहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।

यूनियन के अनुसार, कई कॉलेज एक ही कैंपस में दो-दो संस्थान चला रहे हैं, जबकि उनके पास न तो स्वयं का अस्पताल है और न ही पर्याप्त शैक्षणिक ढांचा। इसके बावजूद नर्सिंग काउंसिल के अधिकारियों द्वारा कथित रूप से “सेटिंग” के जरिए उन्हें मान्यता प्रदान की जा रही है।

दस्तावेज आधारित निरीक्षण पर उठे सवाल

अजय त्रिपाठी ने बताया कि निजी नर्सिंग कॉलेजों का निरीक्षण केवल दस्तावेजों के आधार पर किया जा रहा है। औचक निरीक्षण के दौरान कई जगह शिक्षक और स्टाफ मौजूद नहीं मिलते। ऐसे मामलों में फर्जी तरीके से अन्य कर्मचारियों को प्रस्तुत कर नियमों की अनदेखी की जाती है।

छात्रों के भविष्य पर खतरा

उन्होंने कहा कि कई कॉलेजों में छात्र नियमित उपस्थिति के बिना पढ़ाई कर रहे हैं, जिससे उनके प्रैक्टिकल स्किल्स कमजोर हो रहे हैं। यह सीधे तौर पर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है।

सरकार से की गई प्रमुख मांगें

यूनियन अध्यक्ष ने स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन सौंपकर निम्न मांगें रखी हैं:

सभी जिलों में शासकीय नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना

निजी कॉलेजों में बायोमैट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य करना

आयुष यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर कॉलेजों की मान्यता, स्टाफ और निरीक्षण रिपोर्ट सार्वजनिक करना

बिना INC मान्यता वाले कॉलेजों पर सख्त कार्रवाई

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गत वर्ष सेंट्रल इंडिया कॉलेज ऑफ नर्सिंग को नियमों के विरुद्ध मान्यता दी गई थी, जिसे बाद में अमान्य घोषित करना पड़ा।

पंजीयन प्रक्रिया में देरी पर नाराजगी

त्रिपाठी ने कहा कि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में भारी देरी के कारण नर्सिंग छात्रों को रोजगार के अवसरों से वंचित होना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि पंजीयन प्रक्रिया को ऑनलाइन कर अधिकतम 10 दिनों के भीतर प्रमाणपत्र जारी किया जाए।

मायने

यह मामला छत्तीसगढ़ में नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता, पारदर्शिता और नियमन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि सरकार इस पूरे प्रकरण में कितनी तेजी से सुधारात्मक कदम उठाती

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