CGMSC घोटाला: 411 करोड़ की हेराफेरी, 5 आरोपी पहुंचे सलाखों के पीछे!
रायपुर: छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) में हुए 411 करोड़ रुपये के घोटाले का पर्दाफाश होते ही प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। इस घोटाले में पांच आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि कई अन्य की भूमिका जांच के दायरे में है।
कैसे हुआ घोटाला?
CGMSC पर राज्य के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों के लिए दवाइयां और चिकित्सा उपकरण खरीदने की जिम्मेदारी थी। लेकिन जांच में सामने आया कि कंपनियों को गलत तरीके से ठेके दिए गए और फर्जी बिल बनाकर करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई।
मुख्य आरोपी और गिरफ्तारी
अब तक की जांच में यह पता चला है कि इस घोटाले में वरिष्ठ अधिकारियों समेत कई प्रभावशाली लोग शामिल थे। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
राजनीतिक भूचाल
इस घोटाले के खुलासे के बाद विपक्ष ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस घोटाले के पीछे बड़े अधिकारियों और राजनेताओं की मिलीभगत हो सकती है। वहीं, सरकार ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
जांच जारी, और गिरफ्तारियां संभव
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां अब वित्तीय लेन-देन और संदिग्ध दस्तावेजों की गहन जांच कर रही हैं। घोटाले में जुड़े अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट होते ही और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
यह घोटाला न सिर्फ सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाने वाला है, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। अब देखना होगा कि जांच किस दिशा में जाती है और क्या असली गुनहगार कानून के शिकंजे में आ पाते हैं या नहीं।
गिरफ्तार किए गए अधिकारियों के नाम
1. बसंत कुमार कौशिक –
2. कमलकांत पाटनवार –
3. डॉ. अनिल परसाई –
4. खिरौद रौतिया –
5. दीपक कुमार बांधे
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