छत्तीसगढ़ में धर्म स्वतंत्रता विधेयक को मंजूरी, बना सख्त कानून; अवैध धर्मांतरण पर उम्रकैद तक का प्रावधान

Freedom of Religion Bill approved in Chhattisgarh, making it a strict law; provision for up to life imprisonment for illegal conversion
 0
छत्तीसगढ़ में धर्म स्वतंत्रता विधेयक को मंजूरी, बना सख्त कानून; अवैध धर्मांतरण पर उम्रकैद तक का प्रावधान

छत्तीसगढ़ में धर्म स्वतंत्रता विधेयक को मंजूरी, बना सख्त कानून; अवैध धर्मांतरण पर उम्रकैद तक का प्रावधान

रायपुर। छत्तीसगढ़ में लंबे समय से चल रहे धर्मांतरण विवाद के बीच राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए धर्म स्वतंत्रता विधेयक को मंजूरी दे दी है। मंजूरी के बाद अब यह विधेयक कानून का रूप ले चुका है। सरकार का दावा है कि यह कानून विशेष रूप से वनांचल और दूरांचल क्षेत्रों में प्रलोभन, दबाव या धोखे से किए जा रहे अवैध धर्मांतरण पर रोक लगाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

क्या है नए कानून में खास?

नए धर्म स्वतंत्रता कानून को राज्य के सबसे कड़े कानूनों में से एक माना जा रहा है। इसमें अवैध धर्मांतरण के खिलाफ सख्त प्रावधान किए गए हैं।

प्रलोभन, दबाव या छलपूर्वक धर्मांतरण कराना अपराध माना जाएगा

दोषी पाए जाने पर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान

संगठित तरीके से धर्मांतरण कराने वालों पर और कड़ी कार्रवाई

प्रशासन को निगरानी और जांच के लिए विशेष अधिकार

सरकार का पक्ष

राज्य सरकार का कहना है कि बीते कुछ समय से खासकर आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में धर्मांतरण को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। कई मामलों में आर्थिक लालच, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर लोगों को प्रभावित करने के आरोप सामने आए थे। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए यह कानून लाया गया है।

किन क्षेत्रों पर रहेगा फोकस?

वनांचल और दूरस्थ इलाकों में यह कानून अधिक प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा, जहां धर्मांतरण को लेकर सबसे ज्यादा विवाद सामने आए हैं। प्रशासन को इन क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

चेतावनी भी जारी

सरकार ने साफ किया है कि जो भी व्यक्ति या संस्था अवैध रूप से धर्मांतरण में शामिल पाई जाएगी, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लोगों को चेतावनी दी गई है कि कानून का उल्लंघन करने पर उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

राजनीतिक और सामाजिक असर

इस कानून के लागू होने के बाद राज्य में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस तेज होने की संभावना है। जहां एक ओर इसे धार्मिक स्वतंत्रता की सुरक्षा के रूप में देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ वर्ग इसे व्यक्तिगत अधिकारों से जुड़ा मुद्दा मानकर सवाल उठा सकते हैं।

छत्तीसगढ़ का यह नया धर्म स्वतंत्रता कानून राज्य में धर्मांतरण से जुड़े विवादों पर लगाम लगाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि इसके लागू होने के बाद जमीनी स्तर पर इसका कितना प्रभाव पड़ता है और प्रशासन इसे कितनी सख्ती से लागू कर पाता है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0