बस्तर के जंगलों तक पहुंची स्वास्थ्य क्रांति: जहां एंबुलेंस नहीं पहुंचती थी, वहां अब घर-घर पहुंच रहे डॉक्टर
बस्तर के जंगलों तक पहुंची स्वास्थ्य क्रांति: जहां एंबुलेंस नहीं पहुंचती थी, वहां अब घर-घर पहुंच रहे डॉक्टर
दिल्ली में बस्तर विकास मॉडल पर बड़ी चर्चा, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अमित शाह को दी विस्तृत जानकारी
रायपुर, 14 मई 2026। छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में अब विकास और स्वास्थ्य सेवाओं की नई तस्वीर उभर रही है। जिन दुर्गम वन क्षेत्रों में कभी एंबुलेंस पहुंचना भी असंभव माना जाता था, वहां आज डॉक्टर, दवाइयां और स्वास्थ्य टीमें सीधे ग्रामीणों के घरों तक पहुंच रही हैं। इसी बदलते बस्तर मॉडल को लेकर मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah से मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की। बैठक में उपमुख्यमंत्री Vijay Sharma भी मौजूद रहे।
बैठक में विशेष रूप से “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान” की प्रगति और उसके प्रभाव पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि अब स्वास्थ्य टीमें पैदल चलकर दूरस्थ गांवों तक पहुंच रही हैं, लोगों की स्वास्थ्य जांच कर रही हैं, गंभीर बीमारियों की शुरुआती पहचान कर रही हैं और मरीजों को निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि केवल एक महीने के भीतर ही 21.86 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है और उनके डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार किए गए हैं। हजारों मरीजों को समय पर इलाज मिला है, जबकि गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया है।
सुरक्षा कैंप अब बन रहे “जन सुविधा केंद्र”
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि बस्तर में पहले सुरक्षा गतिविधियों के लिए उपयोग होने वाले कैंप अब धीरे-धीरे “जन सुविधा केंद्र” के रूप में विकसित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों में ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, बैंकिंग सुविधा और सरकारी योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं के चलते अब ग्रामीणों को इलाज, बैंकिंग कार्य, दस्तावेज या सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ रही है।
36 लाख लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य
गौरतलब है कि “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान” की शुरुआत 13 अप्रैल 2026 को Sukma से की गई थी। इस अभियान के तहत पूरे बस्तर संभाग के लगभग 36 लाख लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके साथ ही “बस्तर मुन्ने (अग्रणी बस्तर) अभियान” भी चलाया जा रहा है, जिसके माध्यम से 31 प्रमुख सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
जगदलपुर में शुरू हुआ सुपर स्पेशलिटी अस्पताल
मुख्यमंत्री साय ने गृह मंत्री अमित शाह को जानकारी दी कि Jagdalpur में नया सुपर स्पेशलिटी अस्पताल शुरू हो चुका है। इससे अब बस्तर के लोगों को गंभीर इलाज के लिए रायपुर या बिलासपुर जाने की आवश्यकता कम होगी।
इसके अलावा डायल-112 इमरजेंसी सेवाओं के विस्तार और पूर्व सुरक्षा कैंपों को स्थायी जन सेवा केंद्रों में बदलने की योजना को भी बस्तर के स्थायी विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
माओवादी प्रभाव वाले इलाकों में पहुंच रही योजनाएं
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जो क्षेत्र कभी माओवादी प्रभाव के कारण मुख्यधारा से कटे हुए थे, वहां अब तेजी से विकास और सरकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ रही है। उन्होंने सुकमा की एक हालिया घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि एक गंभीर मरीज को सैकड़ों किलोमीटर दूर सुरक्षित उपचार के लिए पहुंचाया गया, जो बस्तर में बदलती परिस्थितियों का प्रतीक है।
सड़क, शिक्षा और निवेश पर विशेष फोकस
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री साय ने बस्तर के लिए तैयार विकास रोडमैप की भी जानकारी दी। इसमें सड़क निर्माण, शिक्षा, रोजगार सृजन, स्किल डेवलपमेंट और निवेश को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में बस्तर तेजी से सकारात्मक बदलाव की ओर बढ़ रहा है।
वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बस्तर में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर यह सुनिश्चित कर रही हैं कि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 18 और 19 मई को बस्तर दौरे पर आ सकते हैं।
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