नगरीय निकायों की मैराथन समीक्षा: अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण पर सख्ती के निर्देश, 31 मई तक नई संपत्तियों पर करारोपण पूरा करने का लक्ष्य

Marathon review of urban bodies: Instructions for strict action against illegal plotting and encroachment, target to complete taxation on new properties by May 31
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नगरीय निकायों की मैराथन समीक्षा: अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण पर सख्ती के निर्देश, 31 मई तक नई संपत्तियों पर करारोपण पूरा करने का लक्ष्य

नगरीय निकायों की मैराथन समीक्षा: अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण पर सख्ती के निर्देश, 31 मई तक नई संपत्तियों पर करारोपण पूरा करने का लक्ष्य

रायपुर, 21 अप्रैल 2026। प्रदेशभर के नगरीय निकायों की मैराथन समीक्षा का दूसरा दिन भी बैठकों और निर्देशों के साथ जारी रहा। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा रायपुर के सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक में नगर पंचायतों के कार्यों का विस्तृत मूल्यांकन किया गया।

बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि शहरों में बेतरतीब निर्माण, अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण पर सख्ती से रोक लगाई जाए। साथ ही नगर पंचायतों के कामकाज और व्यवस्थाओं में कसावट लाने पर जोर दिया गया। लापरवाही और कोताही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी देते हुए जवाबदेही तय करने के निर्देश भी दिए गए।

शहरों के समग्र विकास के लिए नई सोच और आधुनिक कार्य पद्धति अपनाने पर बल दिया गया। उभरते शहरों को सुव्यवस्थित, सुनियोजित, स्वच्छ और सुंदर बनाने के साथ नागरिकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने को प्राथमिकता दी गई।

राजस्व बढ़ाने के लिए संपत्ति कर, जल कर और यूजर चार्ज की वसूली को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही 31 मई तक नगर पंचायतों में नई संपत्तियों पर करारोपण की प्रक्रिया पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

जल संरक्षण के तहत सभी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य करने पर जोर दिया गया। बरसात से पहले नाला-नालियों और ड्रेनेज की सफाई पूरी करने तथा जलभराव रोकने के उपाय सुनिश्चित करने को कहा गया। पेयजल आपूर्ति को प्राथमिकता देते हुए अगले दस वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर योजना बनाने के निर्देश भी दिए गए।

नगर निकायों के अधिकारियों को अपने मुख्यालय में निवास करने और प्रतिदिन सुबह शहर का भ्रमण कर साफ-सफाई एवं विकास कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए। इस कार्य में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता भी सुनिश्चित करने को कहा गया।

बच्चों के लिए खेल मैदान और उद्यान विकसित करने के लिए स्थान चिन्हित करने, लंबित निर्माण कार्यों को समयसीमा में पूरा करने और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत स्वीकृत आवासों का निर्माण एक वर्ष के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आवास स्वीकृति के एक सप्ताह के भीतर निर्माण अनुमति जारी करने और लाभार्थियों को योजनाओं की जानकारी देने की बात कही गई।

आगामी 1 मई से शुरू होने वाले सुशासन तिहार को ध्यान में रखते हुए शहरवासियों को योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने को भी कहा गया।

इन योजनाओं और कार्यों की हुई समीक्षा:

बैठक में राजस्व वसूली, विद्युत देयक भुगतान, वेतन भुगतान, अधोसंरचना विकास, 15वें वित्त आयोग के कार्य, नालंदा परिसर, नगरोत्थान योजना, जलप्रदाय योजनाएं, आपदा प्रबंधन, गोधन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, पीएम स्वनिधि योजना, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, आई-गॉट कर्मयोगी और रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसे प्रमुख विषयों की समीक्षा की गई।

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