प्रोजेक्ट नैनो के तहत ड्रोन और नैनो डीएपी पर तकनीकी प्रशिक्षण आयोजित
प्रोजेक्ट नैनो के तहत ड्रोन और नैनो डीएपी पर तकनीकी प्रशिक्षण आयोजित
रायपुर, 06 अगस्त 2025 — छत्तीसगढ़ में "प्रोजेक्ट नैनो" के अंतर्गत किसानों को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल खेती की तकनीकों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। जिले में ड्रोन तकनीक और नैनो डीएपी के उपयोग को लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों को तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
इफको के प्रतिनिधि राजेश गोले ने प्रशिक्षण सत्र में बताया कि नैनो डीएपी का उपयोग बेहद सरल और प्रभावी है। केवल एक लीटर पानी में 5 मिली नैनो डीएपी मिलाकर इसका छिड़काव किया जा सकता है। एक सामान्य घरेलू ढक्कन (25 मिली) की मात्रा 5 लीटर पानी के लिए पर्याप्त होती है।
नैनो डीएपी: लाभकारी और पर्यावरण के अनुकूल
नैनो डीएपी किसानों के लिए एक क्रांतिकारी उर्वरक साबित हो रहा है। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह नाइट्रोजन और फास्फोरस जैसे आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति करता है, जिससे पौधों की वृद्धि और उत्पादन में वृद्धि होती है। यह न केवल मिट्टी के स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायक है, बल्कि पारंपरिक डीएपी का पर्यावरण के अनुकूल विकल्प भी है।
नैनो डीएपी का उपयोग बीज उपचार, मिट्टी में मिलाने और पत्तियों पर छिड़काव— तीनों रूपों में किया जा सकता है। यह सभी प्रकार की फसलों के लिए उपयुक्त है और किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने में मदद कर रहा है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर गौरव सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। अधिकारियों को न केवल तकनीकी जानकारी दी गई, बल्कि गांवों में जागरूकता बढ़ाने और प्रचार-प्रसार के लिए भी प्रेरित किया गया।
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