छत्तीसगढ़ में 1100 करोड़ की लागत से देश की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट का भूमिपूजन, राज्य बनेगा तकनीकी हब

Bhoomi Pujan of the country's first semiconductor unit at a cost of Rs 1100 crore in Chhattisgarh, the state will become a technology hub छत्तीसगढ़ में 1100 करोड़ की लागत से देश की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट का भूमिपूजन, राज्य बनेगा तकनीकी हब
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छत्तीसगढ़ में 1100 करोड़ की लागत से देश की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट का भूमिपूजन, राज्य बनेगा तकनीकी हब

छत्तीसगढ़ में 1100 करोड़ की लागत से देश की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट का भूमिपूजन, राज्य बनेगा तकनीकी हब

रायपुर। भारत के मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के विजन को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है। नवा रायपुर अटल नगर में 1100 करोड़ रुपये की लागत से छत्तीसगढ़ की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट का भूमिपूजन किया गया। देश की अग्रणी सेमीकंडक्टर निर्माता कंपनी पॉलीमैटेक इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को मूर्त रूप दे रही है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नई उद्योग नीति और ईज ऑफ डुईंग बिजनेस के तहत राज्य में निवेश का सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ है। इस परियोजना का भूमिपूजन मात्र तीन महीने पहले दिल्ली में आयोजित इन्वेस्टमेंट समिट में पॉलीमैटेक द्वारा निवेश की इच्छा जताने के बाद हुआ। इतनी त्वरित प्रक्रिया, छत्तीसगढ़ में निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल और सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

तकनीकी क्रांति का नया केंद्र बनेगा छत्तीसगढ़

सेमीकंडक्टर प्लांट की स्थापना से न केवल बड़े पैमाने पर चिप निर्माण होगा, बल्कि तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवाओं के लिए भी रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। राज्य सरकार केवल सेमीकंडक्टर निर्माण पर ही नहीं, बल्कि पूरे इकोसिस्टम — चिप डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग और पैकेजिंग — की व्यवस्था तैयार करने की दिशा में भी कार्य कर रही है।

इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डाटा सेंटर इंडस्ट्री जैसे भविष्य के तकनीकी क्षेत्रों को बढ़ावा दिया जा रहा है। देश का पहला एआई डेटा सेंटर पार्क भी नवा रायपुर में बनाया जा रहा है, जिससे छत्तीसगढ़ जल्द ही देश का प्रमुख टेक्नोलॉजी हब बनने की ओर अग्रसर है।

प्रधानमंत्री का लक्ष्य — सेमीकंडक्टर में भारत की 10% हिस्सेदारी

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2030 तक वैश्विक सेमीकंडक्टर बाजार में भारत की 10 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा है। सेमिकंडक्टर मिशन की शुरुआत के साथ देश में इस क्षेत्र में भारी निवेश हो रहा है।

सेमीकंडक्टर की अहमियत को समझाते हुए विशेषज्ञ बताते हैं कि जैसे वाहन के लिए पेट्रोल आवश्यक है, वैसे ही मोबाइल, लैपटॉप, ऑटोमोबाइल, रक्षा उपकरण, एआई, ड्रोन और स्मार्ट डिवाइस में सेमीकंडक्टर ही उनका मस्तिष्क और नियंत्रक है।

5.5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव

राज्य सरकार द्वारा हाल ही में लागू नई औद्योगिक नीति और इन्वेस्टर समिट्स के माध्यम से अब तक 5.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। निवेशकों को विशेष अनुदान और सुविधाओं के साथ आमंत्रित किया जा रहा है

सिर्फ सेमीकंडक्टर ही नहीं, बल्कि आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और डेटा सेंटर इंडस्ट्री में भी छत्तीसगढ़ को तकनीकी प्रगति का नया केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है।

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