"नकली शराब का खेल: ढाबे से होलोग्राम, प्रिंटिंग शॉप से ढक्कन! रायपुर में 40 हजार नकली स्टिकर जब्त"
रायपुर में नकली शराब के बड़े खेल का खुलासा हुआ है। प्रशासन ने एक ढाबा और एक प्रिंटिंग शॉप से करीब 40 हजार नकली होलोग्राम स्टिकर और ढक्कन बरामद किए हैं। ये वही स्टिकर्स हैं जो असली शराब की बोतलों पर लगाए जाते हैं, ताकि शराब की असली पहचान की जा सके।
क्या है पूरा मामला?
मामला सामने आया जब आबकारी विभाग को गुप्त सूचना मिली कि शहर में नकली शराब के लिए इस्तेमाल होने वाले होलोग्राम और ढक्कन तैयार किए जा रहे हैं। छापा मार कार्रवाई में पुलिस और आबकारी विभाग की टीम ने एक ढाबे से बड़ी मात्रा में ढक्कन बरामद किए, वहीं एक प्रिंटिंग शॉप से नकली शराब ब्रांड के स्टिकर और लेबल जब्त किए गए।
राजनीतिक तंज भी शुरू:
जैसे ही मामला उजागर हुआ, पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा ने तंज कसते हुए कहा – “क्या अब इस मामले की जांच ईडी (ED) और सीबीआई (CBI) करेगी? या फिर ये सिर्फ दिखावा था कि कार्रवाई हो रही है?”
क्यों है ये खतरनाक?
नकली होलोग्राम से ग्राहक धोखे में आ जाते हैं और उन्हें असली शराब के नाम पर नकली और ज़हरीली शराब बेची जाती है।
इससे न सिर्फ सरकार को करोड़ों का राजस्व नुकसान होता है, बल्कि जनता की जान को भी खतरा होता है।
जांच जारी:
अधिकारियों ने कहा कि नकली होलोग्राम कहां-कहां सप्लाई किए जा रहे थे और इसके पीछे कौन लोग हैं, इसकी जांच की जा रही है। जल्द ही बड़ी गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।
निष्कर्ष:
शराब माफियाओं ने अब टेक्नोलॉजी का सहारा लेकर नकली धंधे को एक नया मोड़ दे दिया है। इस मामले ने रायपुर में कानून व्यवस्था और आबकारी विभाग की सतर्कता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
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