“एक थाली ₹32 की, लेकिन बोरे‑बासी आयोजन पर प्रति व्यक्ति ₹1,795 खर्च: कांग्रेस समय में 9 करोड़ का खर्च विधानसभा में खुलासा”
छत्तीसगढ़ विधानसभा में एक प्रमुख सवाल के जवाब में बड़ी जानकारी सामने आई है। विधायक धर्मजीत सिंह द्वारा कांग्रेस सरकार के उस 'बोरे‑बासी‑तिहार' आयोजन पर सवाल उठाए गए, जिसमें लगभग 50,000 मजदूरों को परंपरागत भोजन—बोरे‑बासी—खिलाया गया था।
आयोजन का विवरण
प्रत्येक मजदूर को परोसी गई एक बोरे‑बासी की थाली की खरीद मूल्य खास तौर पर ₹32 था।
लेकिन, पूरे आयोजन की कुल लागत सरकारी खर्च के रूप में प्रति व्यक्ति (परोसे से लेकर मंच‑प्रचार और व्यवस्थाओं तक) ₹1,795 आंकी गई।
इस आयोजन का पूरा खर्च लगभग ₹9 करोड़ तक पहुँच गया, जो लाखों भारिताओं के लिए एक पारंपरिक भोज का आयोजन था।
खर्च का विश्लेषण
यह स्पष्ट है कि केवल भोजन पर खर्च मामूली था, लेकिन मुख्य लागत निम्नलिखित तत्वों में हुई:
1. सजावट और पंडाल निर्माण
2. मंच‑आवाज‑प्रचार सामग्री
3. पारगमन व्यवस्था और सुरक्षा
4. मीडिया और प्रशासनिक खर्च
राजनीतिक प्रतिक्रिया
विरोधी पार्टियां इसे “लोकलुभावन और फिजूलखर्ची” कयार देती हैं।
कांग्रेस का पक्ष: उन्होंने इसे श्रमिक सम्मान की सामाजिक पहल बताया, और कहा कि इससे उन्हें एक पारंपरिक उत्सव में भाग लेने का अवसर मिला।
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