कोरबा में भारी बारिश से परेशान जनता ने मंत्रियों का काफिला रोका, भूपेश बघेल ने भाजपा पर साधा निशाना
कोरबा में भारी बारिश से परेशान जनता ने मंत्रियों का काफिला रोका, भूपेश बघेल ने भाजपा पर साधा निशाना
रायपुर/06 जुलाई 2025। छत्तीसगढ़ के कोरबा ज़िले में भारी बारिश और जलभराव की समस्या से त्रस्त ग्रामीणों ने शनिवार को मंत्रियों का काफिला रोक लिया। मामला पाली क्षेत्र का है, जहां भूमि पूजन और रोड उत्सव कार्यक्रम के बाद लौट रहे श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन और प्रभारी मंत्री अरुण साव के काफिले को ग्रामीणों ने रास्ते में रोक कर अपनी समस्याएँ रखीं।
ग्रामीणों ने कहा — 'थोड़ी बारिश में डूब जाता है पूरा इलाका'
ग्रामीणों ने मंत्रियों से कहा कि मामूली बारिश में ही दुकानों, मकानों और गलियों में पानी भर जाता है। सड़कों पर जलजमाव की स्थिति पैदा हो जाती है, जिससे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना था कि ये समस्या कई वर्षों से बनी हुई है, लेकिन प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे।
मौके पर पहुंचे कलेक्टर अजीत वसंत और एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने ग्रामीणों को समझाइश दी, तब जाकर काफिले को रवाना किया गया।
भूपेश बघेल का भाजपा पर तंज
इस घटनाक्रम के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर भाजपा सरकार और मंत्रियों पर निशाना साधा। उन्होंने फेसबुक पोस्ट में लिखा —
> "कर्वध के छोटे रिचार्ज" को लगता है कि मेरा नंबर सार्वजनिक कर देंगे तो जनता सवाल नहीं पूछेगी।
बड़ी ग़लतफ़हमी में है भाजपा।
पूरे प्रदेश की जनता त्रस्त है। जगह-जगह मंत्रियों के काफिले रोके जा रहे हैं, मुख्यमंत्री दौरा रद्द कर रहे हैं।
अदानी की सेवा में लीन सरकार को जनता बड़ा सबक सिखाएगी।"
भूपेश बघेल का यह बयान सीधे तौर पर मौजूदा सरकार की कार्यप्रणाली और जनसमस्याओं की अनदेखी पर कटाक्ष है।
सोशल मीडिया पर मामला गरमाया
पूर्व मुख्यमंत्री की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। लोग सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं और लगातार हो रही बारिश के बीच प्रशासन की व्यवस्थाओं पर नाराज़गी जता रहे हैं।
हैशटैग्स के ज़रिए ट्रेंड कर रहा मुद्दा
इस पूरे मामले में #Korba, #Chhattisgarh और #HeavyRain जैसे हैशटैग सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे हैं।
मायने
बारिश के मौसम में लगातार बढ़ रही समस्याओं और प्रशासन की लापरवाही के खिलाफ जनता अब खुलकर सामने आ रही है। मंत्रियों के काफिले रोकने की घटनाएं ये दर्शाती हैं कि जनता अब केवल चुनावी वादों से संतुष्ट नहीं है, बल्कि ज़मीनी हकीकत में सुधार चाहती है।
आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।
What's Your Reaction?
Like
1
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0