'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' कार्यशाला संपन्न, सांस्कृतिक एकता और विकास पर हुआ मंथन
'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' कार्यशाला संपन्न, सांस्कृतिक एकता और विकास पर हुआ मंथन
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' कार्यक्रम के परिप्रेक्ष्य में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में प्रदेश संगठन पदाधिकारियों, जिला संयोजकों एवं सहसंयोजकों ने भाग लिया।
इस अवसर पर क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल ने कहा कि 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' देश में एकता और सुदृढ़ता का पहला प्रयोग है, जिसकी संकल्पना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। उन्होंने कहा कि इस संकल्पना को धरातल पर साकार करने के लिए कार्यकर्ताओं को राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ देश की सर्वांगीण प्रगति के लिए जुटना होगा।
जम्वाल ने कहा कि आज देश और प्रदेश में भाजपा के लिए अनुकूल वातावरण बना है। केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और नीतियों ने जनविश्वास बढ़ाया है। ऐसे में कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे देश की समस्याओं का समाधान सही ढंग से करें और विकास का विजन स्पष्टता के साथ आमजन तक पहुँचाएं।
उन्होंने बताया कि 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' कार्यक्रम का उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच सांस्कृतिक एकीकरण और आपसी समझ को बढ़ावा देना है। यह पहल वर्ष 2015 में शुरू की गई थी। इसके तहत प्रत्येक राज्य को किसी अन्य राज्य के साथ जोड़ा जाता है ताकि दोनों राज्यों की संस्कृति, परंपराएं, भाषा और खानपान को जानने और अनुभव करने का अवसर मिल सके।
प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने कहा कि इस कार्यक्रम के लिए जिला स्तर पर टीम बनाकर योजनाबद्ध तरीके से काम करना है। उन्होंने कहा कि सभी प्रदेशों के गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक वैभव को जोड़कर देश को आत्मनिर्भर बनाना हमारा लक्ष्य है।
पूर्व सांसद सुशील सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच के अनुरूप 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' कार्यक्रम देश के सर्वांगीण विकास का माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के किसी भी हिस्से को विकास में पीछे नहीं छोड़ना है। इसी सोच के तहत देश के 115 पिछड़े जिलों का चयन कर विकास की दिशा में विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार का समग्र विकास भी तभी संभव है जब वहाँ डबल इंजन की सरकार रहेगी।
भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' कार्यक्रम के प्रदेश संयोजक संजय श्रीवास्तव ने कार्यशाला की प्रस्तावना में कहा कि यह कार्यक्रम अनेकता में एकता की भावना को सशक्त करता है। सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को एक सूत्र में बांधने की कल्पना की थी। उसी विचार को साकार करने के लिए यह आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत देश के विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक धरोहर, इतिहास, उत्सव और गौरव को जन-जन तक पहुँचाने के लिए एकरूपता के साथ आयोजन होंगे। कार्यशाला में आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस अवसर पर सभी जिलों के संयोजक और सहसंयोजक मौजूद रहे।
What's Your Reaction?
Like
1
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0