छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव: महिला सम्मेलन एवं तीजा-पोरा महोत्सव का भव्य आयोजन
छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव: महिला सम्मेलन एवं तीजा-पोरा महोत्सव का भव्य आयोजन
पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में रही तीजा-पोरा की धूम
रायपुर, 24 अगस्त 2025। राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आज छत्तीसगढ़ का पारंपरिक त्योहार तीजा-पोरा पूरे उत्साह और धूमधाम से मनाया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेवता पर आयोजित इस विशेष आयोजन में प्रदेशभर से आई हजारों माताओं-बहनों ने भाग लिया।
सरकार के मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने महिलाओं का आत्मीय स्वागत किया और उन्हें साड़ी, श्रृंगार सामग्री एवं छत्तीसगढ़ी कलेवा भेंट किया।
उपमुख्यमंत्री ने कहा – “नारी शक्ति के मान-सम्मान को बढ़ावा”
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने महिलाओं को तीजा पर्व की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा –
> “तीजा नारी शक्ति के मान, सम्मान और दृढ़ निश्चय का पर्व है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ महतारी के गौरव को बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।”
उन्होंने आगे बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख से अधिक माताओं-बहनों को हर महीने ₹1000 की सहायता राशि मिल रही है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं।
मंत्री और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने तीजा-पोरा को महिलाओं की खुशी और आत्मीयता का प्रतीक बताया।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने इसे धार्मिक, सामाजिक और प्राकृतिक सामंजस्य का पर्व कहा।
पूर्व सांसद सरोज पांडेय ने भी सम्मेलन को संबोधित किया।
इस अवसर पर पद्मश्री पंडवानी गायिका उषा बारले और लोकगायिका आरु साहू को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में श्रम एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, विधायक सुनील सोनी, इंद्र कुमार साव, अनुज शर्मा, रायपुर की महापौर मीनल चौबे सहित कई गणमान्यजन उपस्थित थे।
महतारियों का उत्साह – मेहंदी, चूड़ियाँ और सावन के झूले
महिला सम्मेलन के दौरान ऑडिटोरियम छत्तीसगढ़ी साज-सज्जा से गुलजार रहा। महिलाओं ने मेंहदी लगवाई, रंग-बिरंगी चूड़ियाँ पहनीं, आलता लगाया और सावन के झूले का आनंद लिया।
कार्यक्रम स्थल पर पारंपरिक आभूषणों की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें तोड़ा, पैरी-पैजन, लच्छा, झांझ, बिछिया, चुटकी, कंगन, करधन, बजुबंद, झबली सहित कई आभूषण, कृषि उपकरण और लोक वाद्ययंत्र प्रदर्शित किए गए।
खेल प्रतियोगिताओं में दिखा महिलाओं का उत्साह
तीजा-पोरा तिहार की शुरुआत शिव-पार्वती और नंदी की पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद महिलाओं ने मंचीय कार्यक्रमों और खेल प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुर्सी दौड़
जलेबी दौड़
नींबू दौड़
रस्साकशी
इन खेलों ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। विजेताओं को पुरस्कार दिए गए और सभी प्रतिभागियों की सराहना की गई।
‘विष्णु भइया’ का जताया आभार
महिलाओं ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को भाई के रूप में नेवता देने और तीजा-पोरा पर्व को भव्य बनाने के लिए आभार व्यक्त किया।
यह आयोजन सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और नारी शक्ति के उत्सव का प्रतीक बन गया।
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