चैतन्य बघेल ने हाई कोर्ट में गिरफ्तारी को दी चुनौती, बघेल बंधुओ ने कहा – हिरासत गैरकानूनी
चैतन्य बघेल ने हाई कोर्ट में गिरफ्तारी को दी चुनौती, बघेल बंधुओ ने कहा – हिरासत गैरकानूनी
बिलासपुर, छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तार किए गए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल ने अपनी गिरफ्तारी और हिरासत को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में चुनौती दी है। याचिका में उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए इसे निरस्त करने की मांग की है।
क्या है मामला?
छत्तीसगढ़ में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक बड़े मामले की जांच ईडी कर रही है। ईडी का दावा है कि इस पूरे नेटवर्क में बड़े पैमाने पर हवाला, नकद लेन-देन, राजनीतिक संरक्षण और आर्थिक गड़बड़ियों के साक्ष्य मिले हैं।
इसी जांच के दौरान ईडी ने कुछ दिन पहले चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था। एजेंसी का आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क में चैतन्य बघेल की भूमिका संदिग्ध है और उनके पास से कई ऐसे दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मिले हैं, जो मनी ट्रेल को स्पष्ट करते हैं।
सुप्रीम कोर्ट से भी मिली थी राहत नहीं
गिरफ्तारी के तुरंत बाद चैतन्य बघेल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने गिरफ्तारी को चुनौती दी थी और अंतरिम राहत की मांग की थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 5 अगस्त को याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें पहले उचित मंच यानी हाई कोर्ट में जाना चाहिए। अदालत ने यह भी कहा कि अगर हर गिरफ्तारी की चुनौती सुप्रीम कोर्ट में दी जाएगी तो अन्य अदालतों का कोई औचित्य नहीं बचेगा।
अब हाई कोर्ट पहुंचे चैतन्य
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद चैतन्य बघेल ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। उन्होंने याचिका में कहा है कि —
> "मेरी गिरफ्तारी गैरकानूनी है। मेरे खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं हैं। मुझे बिना समुचित प्रक्रिया अपनाए गिरफ्तार किया गया और हिरासत में रखा गया।"
फिलहाल हाई कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई की तिथि तय नहीं की है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द सुनवाई की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल ईडी की रिमांड पर हैं चैतन्य
ईडी ने चैतन्य बघेल को गिरफ्तार करने के बाद अदालत से रिमांड मांगी थी, जिसे मंजूरी मिल गई। वे फिलहाल ईडी की रिमांड पर हैं, जहां उनसे मनी ट्रेल, संदिग्ध लेनदेन, इलेक्ट्रॉनिक सबूत और कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर पूछताछ की जा रही है।
राजनीतिक हलचल तेज
चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी और अब हाई कोर्ट की याचिका के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है, जबकि भाजपा इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करार दे रही है।
आगे क्या?
अब सभी की निगाहें छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट पर टिकी हैं कि वह इस याचिका पर क्या रुख अपनाती है। अगर गिरफ्तारी अवैध मानी जाती है, तो इससे जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर असर पड़ सकता है, और अगर याचिका खारिज होती है, तो ईडी की जांच को और कानूनी बल मिलेगा।
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