बृजमोहन का 'लेटर बम', भूपेश का पलटवार – BJP में भीतरघात या असंतोष की चिंगारी?

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बृजमोहन का 'लेटर बम', भूपेश का पलटवार – BJP में भीतरघात या असंतोष की चिंगारी?

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों "लेटर बम" की गूंज तेज हो गई है। पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को लिखे पत्र ने राजनीतिक हलकों में सनसनी फैला दी है। कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि बृजमोहन अब 'लेटर बम' फोड़ रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भाजपा के ही सांसद शिकायत कर रहे हैं तो "सुशासन तिहार" जैसे कार्यक्रमों का क्या औचित्य रह जाता है?

क्या है पत्र में:

बृजमोहन अग्रवाल ने अपने पत्र में मुख्यमंत्री को सीधे तौर पर अवगत कराया है कि राज्य की व्यवस्था को लेकर आम जनता ही नहीं, बल्कि भाजपा के सांसद तक असंतुष्ट हैं। उन्होंने पत्र में कुछ अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर किया है।

भूपेश का हमला:

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस पत्र को भाजपा के भीतर गहराते अंतर्विरोध का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी के सांसद ही असंतोष जता रहे हैं तो फिर भाजपा सरकार किस मुंह से सुशासन का दावा कर रही है?

बृजमोहन की सफाई:

पत्र लिखने पर बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि उनका उद्देश्य सरकार को बेहतर बनाना है। वे पार्टी और सरकार के हित में लगातार फीडबैक दे रहे हैं ताकि जनता की समस्याओं का समाधान हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि यह आलोचना नहीं, आत्मचिंतन की पहल है।

राजनीतिक हलचल तेज:

भाजपा में बृजमोहन के पत्र को लेकर अंदरखाने चर्चाओं का बाजार गर्म है। कुछ इसे सत्ता पक्ष में 'पुराने बनाम नए' नेताओं की खींचतान बता रहे हैं, तो कुछ इसे वास्तविक जनसंवेदनाओं की अभिव्यक्ति मान रहे हैं।

अब नजरें भाजपा की प्रतिक्रिया पर:

फिलहाल, भाजपा हाईकमान इस मामले पर चुप है लेकिन यह तय है कि बृजमोहन का यह पत्र आने वाले दिनों में पार्टी के भीतर और बाहर दोनों मोर्चों पर हलचल बढ़ा सकता है।

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