धमतरी क्रिश्चियन अस्पताल में तोड़फोड़ पर एएचपीआई की कड़ी निंदा, डॉक्टरों व स्टाफ की सुरक्षा की मांग

AHPI strongly condemns the vandalism at Dhamtari Christian Hospital, demands protection of doctors and staffधमतरी क्रिश्चियन अस्पताल में तोड़फोड़ पर एएचपीआई की कड़ी निंदा, डॉक्टरों व स्टाफ की सुरक्षा की मांग
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धमतरी क्रिश्चियन अस्पताल में तोड़फोड़ पर एएचपीआई की कड़ी निंदा, डॉक्टरों व स्टाफ की सुरक्षा की मांग

रायपुर, 30 जुलाई 2025 — छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित धमतरी क्रिश्चियन अस्पताल में हुई तोड़फोड़ और उपद्रव की घटना पर एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेअर प्रोवाइडर्स ऑफ़ इंडिया (एएचपीआई) के छत्तीसगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने गहरी चिंता और कड़ी निंदा जताई है। उन्होंने इसे न केवल असंवैधानिक और आपत्तिजनक बताया, बल्कि इसे चिकित्सा पेशे पर धार्मिक दृष्टिकोण से किया गया हमला करार दिया है।

डॉ. गुप्ता ने कहा, "115 वर्षों से आदिवासी और पहुंचविहीन क्षेत्रों में सेवा दे रहा यह अस्पताल निस्वार्थ सेवा और समर्पण का प्रतीक रहा है। ऐसे पवित्र संस्थान पर धार्मिक रंग चढ़ाकर हमला करना पूरी चिकित्सा बिरादरी को हतोत्साहित करने वाला कृत्य है।"

धर्म नहीं, सेवा है चिकित्सा का मूल: डॉ. गुप्ता

डॉ. गुप्ता ने कहा कि चिकित्सा सेवा हमेशा धर्म, जाति, भाषा या क्षेत्र से ऊपर उठकर की जाती है। डॉक्टरों की हिप्पोक्रेटिक शपथ में भी इसका उल्लेख होता है कि हर मरीज की जान बचाना और उसकी भलाई करना ही प्राथमिक कर्तव्य होता है। धमतरी क्रिश्चियन हॉस्पिटल का सेवाओं के इस सिद्धांत में अमूल्य योगदान रहा है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इलाज में यदि कोई त्रुटि होती है, तो उसके समाधान के लिए सरकारी और कानूनी मंच मौजूद हैं। लेकिन कानून को हाथ में लेकर अस्पताल परिसर में जबरन घुसकर तोड़फोड़ और हिंसा करना गलत परंपरा की शुरुआत है।

राज्य सरकार और प्रशासन से की ये मांगें:

एएचपीआई छत्तीसगढ़ चैप्टर ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से निम्नलिखित मांगें की हैं:

1. अस्पताल परिसर और उसमें कार्यरत डॉक्टरों व नर्सिंग स्टाफ को पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाए।

2. हिंसा में शामिल असामाजिक तत्वों के विरुद्ध "चिकित्सा परिसर हिंसा अधिनियम" के अंतर्गत मामला दर्ज कर कठोर कार्यवाही की जाए।

3. मरीजों को भयमुक्त और सुरक्षित वातावरण में इलाज का अधिकार मिले — यह शासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है।

नफरत फैलाने वाली घटनाएं अस्वीकार्य:

डॉ. गुप्ता ने कहा कि किसी भी सभ्य समाज में धर्म के आधार पर हमला, विशेषकर अस्पताल जैसी सेवा संस्था पर, अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि समाज को ऐसे असामाजिक तत्वों को हतोत्साहित करना होगा और चिकित्सा समुदाय के साथ खड़ा होना होगा।

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