“छत्तीसगढ़ में बंगाल के मजदूरों की हिरासत पर तकरार: TMC सांसद बोलीं ‘किडनैपिंग’, BJP ने कहा ‘बस्तर है, बंगाल नहीं’”

TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने छत्तीसगढ़ पुलिस पर 9 बंगाली मजदूरों को अवैध रूप से हिरासत में लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने इसे “राज्य प्रायोजित किडनैपिंग” बताया। वहीं BJP सांसद महेश कश्यप ने कहा, “यह बस्तर है, बंगाल नहीं।” मामला राजनीतिक रूप से गरमा गया है।
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“छत्तीसगढ़ में बंगाल के मजदूरों की हिरासत पर तकरार: TMC सांसद बोलीं ‘किडनैपिंग’, BJP ने कहा ‘बस्तर है, बंगाल नहीं’”

छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। मामला पश्चिम बंगाल के नौ प्रवासी मजदूरों से जुड़ा है, जिन्हें कोंडागांव पुलिस ने हिरासत में लिया था। TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने इसे "राज्य प्रायोजित किडनैपिंग" कहा और छत्तीसगढ़ पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए कि मजदूरों को कार्यस्थल से जबरन उठाया गया और बिना कानूनी प्रक्रिया के हिरासत में रखा गया।

महुआ ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया और बताया कि सभी मजदूरों को एक स्थानीय निर्माण साइट से उठाकर जगदलपुर जेल में बंद किया गया। उन्होंने कहा कि मजदूरों के पास आवश्यक दस्तावेज थे, फिर भी उन्हें अपने परिवार वालों से बात करने तक नहीं दी गई। उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 19 के उल्लंघन की संज्ञा दी, जिसमें देश के किसी भी हिस्से में रोजगार और आवागमन की स्वतंत्रता दी गई है।

पुलिस की ओर से बताया गया कि इन मजदूरों से एक पुराने यौन शोषण केस के संबंध में पूछताछ की जा रही थी। वहीं, महुआ मोइत्रा ने इसे एक बहाना करार देते हुए सवाल उठाया कि क्या पूछताछ की प्रक्रिया में हिरासत और परिवार को जानकारी न देना जायज है?

इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सांसद महेश कश्यप ने तीखा बयान दिया और कहा, "यह बस्तर है, बंगाल नहीं। यहां की पुलिस कानून के मुताबिक काम करती है।" उनका आरोप था कि महुआ मोइत्रा इस मामले का राजनीतिक लाभ लेना चाहती हैं।

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