पाकिस्तान से आए, छत्तीसगढ़ में बसे... फर्जी दस्तावेज बनवाए तो सलाखों के पीछे पहुंचे तीन पीढ़ियों का परिवार
रायगढ़, छत्तीसगढ़ | 80 साल से रायगढ़ जिले में एक परिवार की जड़ें पाकिस्तान से जुड़े होने के कारण अब जागीर में रह रहे हैं। आरोप है कि इस परिवार ने फर्जी तरीके से भारतीय वोटर बनवाए थे। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि वे भारत के नागरिक नहीं हैं और बंधक हैं। इसी के चलते कोर्ट ने हाल ही में इस परिवार के कुछ सदस्यों को जेल भेज दिया है।
यह परिवार 1947 के बाद भारत आया और रायगढ़ जिले के खरसिया में बस गया। यहां अन्य मकान, मूर्तियाँ और अन्य संपत्तियाँ भी बनाई गईं। बच्चा बड़ा हुआ, स्कूल-कॉलेज में पढ़ा और सरकारी उपाधियों का लाभ भी नामित किया गया। लेकिन पिछले कुछ समय से स्थानीय प्रशासन पर इन बातों को लेकर संशय बना हुआ है।
पाकिस्तान में जन्म का प्रमाण मिला
पुलिस और विशेष जांच दल (विशेष जांच दल) की जांच में सामने आया कि परिवार के सदस्य बुजुर्ग पाकिस्तान में संदिग्ध थे और उन्होंने भारत की नागरिकता के लिए वैध प्रक्रिया नहीं अपनाई थी। इसके अलावा, अन्यत्र पात्रता सूची में नाम जुड़वाया, आधार और राशन कार्ड तक के लिए।
फ़र्ज़ीवाड़े का रहस्य
जांच के दौरान फर्जी दस्तावेज, आधार कार्ड और नागरिकता से संबंधित कई दस्तावेज बरामद हुए। इसके आधार पर भारतीय दंड संहिता की धाराओं और नागरिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ दस्तावेज दर्ज किए गए हैं।
कोर्ट ने सुनाया फैसला
मामले में कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि देश की नागरिकता से जुड़ा यह स्मारक बेहद गंभीर है। आरोप साबित होने पर अदालत ने संबंधित लोगों को जेल भेज दिया। निरीक्षण में कुछ अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच चल रही है।
प्रशासन सख्त, संपत्ति की जांच शुरू
प्रशासन अब इस परिवार द्वारा संकलित दस्तावेजों की जांच भी कर रहा है। यदि यह साबित हो गया है कि इन संपत्तियों की खरीद को फर्जी तरीके से पहचाना गया है, तो उन्हें जब्त भी किया जा सकता है।
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