CM साय का सादा अंदाज़: ढाबे में थाली, बगल में जनता, दिल जीत ले गए मुख्यमंत्री

रायगढ़ जिले के दौरे से लौटते हुए जब काफिला सिमगा के पास पहुँचा, तब न कोई होटल बुक हुआ, न कोई फाइव स्टार ठहराव। मुख्यमंत्री साय सीधे रुक गए ‘आनंद ढाबा’, जहां धूप छांव में खटिया पर बैठकर छत्तीसगढ़ की महकदार रोटी और सब्ज़ी परोसी जाती है।
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CM साय का सादा अंदाज़: ढाबे में थाली, बगल में जनता, दिल जीत ले गए मुख्यमंत्री

रायगढ़ जिले के दौरे से लौटते हुए जब काफिला सिमगा के पास पहुँचा, तब न कोई होटल बुक हुआ, न कोई फाइव स्टार ठहराव। मुख्यमंत्री साय सीधे रुक गए ‘आनंद ढाबा’, जहां धूप छांव में खटिया पर बैठकर छत्तीसगढ़ की महकदार रोटी और सब्ज़ी परोसी जाती है।

ना कोई हो-हल्ला, ना कोई बनावटी सिक्योरिटी का घेरा

साधारण लकड़ी की बेंच, स्टील की थाली और ढाबे की सोंधी खुशबू के बीच मुख्यमंत्री आमजन के बीच ऐसे घुल-मिल गए, जैसे कोई पुराना परिचित घर लौट आया हो। आसपास बैठे ग्रामीणों ने चौंकते हुए देखा — "अरे! मुख्यमंत्री साय... यहीं! हमारे साथ!"

और फिर शुरू हुई बातचीत — बिना माइक, बिना कैमरा एंगल सेट किए।

खाने में स्वाद था, बातों में आत्मीयता

साय जी ने ढाबे के स्टाफ और वहां मौजूद नागरिकों से हालचाल पूछा, उनके जीवन के बारे में जाना, और ध्यान से उनकी बातें सुनीं — कोई नोटपैड नहीं, कोई अफसर बीच में नहीं।

उन्होंने कहा — "मैं जहां जाता हूं, वहां के लोगों से ऊर्जा लेता हूं। ये मुलाकातें औपचारिक नहीं होतीं, ये आत्मीय होती हैं।"

ढाबे के तवे पर गरम-गरम रोटियां सिक रही थीं और मुख्यमंत्री साय उन रोटियों का स्वाद लेते हुए ठेठ देसी अंदाज़ में बोले — "बहुत बढ़िया! असली स्वाद तो यहीं है।"

फोटो, मुस्कानें और यादगार पल

ढाबे पर मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल निकाल लिए। कोई बोला — "सर, एक सेल्फी हो जाए?" तो किसी ने कहा — "पहली बार किसी मुख्यमंत्री को ऐसे देखा है, जो हमारे पास बैठकर खाना खा रहे हैं।"

मुख्यमंत्री के साथ फोटो खिंचवाने की होड़ सी मच गई। मुस्कानें थीं, गर्मी थी, पर माहौल था खुशनुमा। इस दौरान मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, और सचिव पी. दयानंद जैसे वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। पर सभी के बीच चमक रहा था साय जी का सादगी भरा अंदाज़।

लोगों ने कहा — "यही होता है असली नेता"

ग्रामीणों ने ढाबे पर मुख्यमंत्री को देखकर कहा — "नेता वही, जो जमीन से जुड़ा हो। कोई दिखावा नहीं, कोई घमंड नहीं। ऐसा नेता दिल में उतर जाता है।"

सुशासन का असली चेहरा: मंच नहीं, जमीन पर दिखता है

साय का यह कदम दिखाता है कि सुशासन केवल घोषणाओं या बड़ी-बड़ी बैठकों से नहीं चलता। जब नेता जनता के साथ खाना खाता है, तब भरोसा गहराता है। यही होती है जननेता की पहचान


एक लाइन में कहें तो:

CM साय ने ढाबे में बैठकर जो खाना खाया, उससे कहीं ज्यादा लोगों का दिल जीत लिया।

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