कांग्रेस ने साय सरकार पर लगाया दमन का आरोप, कहा- टैक्स नहीं, लूट रही है भाजपा सरकार
छत्तीसगढ़ में बीजेपी सरकार के कार्यकाल के छह महीने पूरे होने से पहले ही विपक्ष ने उसके खिलाफ तीखा मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सत्तारूढ़ सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि राज्य में जीएसटी की वसूली के नाम पर व्यापारियों के बीच भय और आतंक का माहौल बनाया जा रहा है।
बैज ने कहा कि व्यापारी अब व्यापार नहीं कर रहे, डर के साये में दिन गुजार रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अंबिकापुर सहित कई शहरों में व्यापारी सड़कों पर उतर आए हैं, क्योंकि सरकार ने टैक्स वसूली को दमन का हथियार बना दिया है।
“छत्तीसगढ़ बन गया है प्रशासनिक आतंक का केंद्र”
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बीजेपी सरकार के आने के बाद जीएसटी छापेमारी में बेतहाशा वृद्धि हुई है। व्यापारियों पर अनुचित ब्याज, भारी-भरकम पेनाल्टी और डर का माहौल थोप कर सरकार जीएसटी संग्रहण बढ़ा रही है।
“सिर्फ टैक्स से पेट नहीं भरता इस सरकार का। व्यापारिक परिसरों में अनावश्यक छापेमारी, जबरिया वसूली और भयादोहन अब आम बात हो गई है,” – दीपक बैज ने कहा।
उन्होंने कहा कि इस तरह की बर्बरतापूर्ण कर कार्रवाई देश के किसी और राज्य में नहीं हो रही, जैसी छत्तीसगढ़ में हो रही है।
“महंगाई, बेरोजगारी के बीच टैक्स की मार”
दीपक बैज ने कहा कि एक ओर बेरोजगारी चरम पर है, आमदनी घट गई है, वहीं दूसरी ओर सरकार दैनिक उपभोग की वस्तुओं पर टैक्स बढ़ाकर जनता को लूट रही है। उन्होंने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा, “इनका एक ही नारा है – महंगी चीजें, ज्यादा टैक्स, और जनता की जेब पर डाका।”
“उद्योग बंद हो रहे, बिजली महंगी हो रही”
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि साय सरकार की गलत नीतियों के चलते नए उद्योग लग नहीं पा रहे, और पुराने भी धीरे-धीरे बंद हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्पंज आयरन, रोलिंग मिल, राइस मिल जैसे उद्योगों पर बिजली दरों में बढ़ोतरी का सीधा असर पड़ा है।
चार बार बिजली की दरें बढ़ाई गईं, जिससे न सिर्फ उद्योग बंद हुए बल्कि रोज़गार के मौके भी तेजी से घटे हैं। घरेलू बचत कम हो रही है, क्रय शक्ति घट रही है, और इसके बावजूद सरकार टैक्स वसूली में वृद्धि को उपलब्धि बता रही है।
“माफी मांगनी चाहिए, ढोल नहीं पीटना चाहिए”
बैज ने भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार को व्यापारी वर्ग और आम जनता से माफी मांगनी चाहिए थी, लेकिन वो इसे अपनी उपलब्धि बताकर पीठ थपथपा रही है।
कुल मिलाकर कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में जीएसटी के मौजूदा स्वरूप को ‘प्रशासनिक आतंक’ बताते हुए सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। आने वाले समय में व्यापारी संगठनों का भी विरोध तेज हो सकता है।
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