छत्तीसगढ़: 422 दिन बाद कोर्ट की सख्ती, अमृतपाल समर्थकों पर चलेगा केस
राजधानी रायपुर में 422 दिन पहले आयोजित एक विवादित रैली को लेकर अब बड़ा फैसला सामने आया है। रायपुर जिला एवं सत्र न्यायालय ने पुलिस द्वारा दाखिल किए गए पूरक आरोप-पत्र (चार्जशीट) को मंजूरी दे दी है, जिससे अब अलगाववादी खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के पक्ष में रैली निकालने वाले आरोपियों पर केस चलेगा।
पुलिस के अनुसार, यह रैली वर्ष 2023 में राजधानी रायपुर में आयोजित की गई थी, जिसमें अमृतपाल सिंह के समर्थन में नारे लगाए गए थे और राज्य की शांति व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश हुई थी। उस वक्त कोर्ट ने पुलिस के केस को साक्ष्य के अभाव में खारिज कर दिया था। लेकिन अब पूरक सबूतों और विस्तृत चार्जशीट के आधार पर कोर्ट ने मामले की गंभीरता को मानते हुए मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी है।
पृष्ठभूमि में क्या हुआ था?
यह रैली अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थन में निकाली गई थी। आरोप है कि इसमें भड़काऊ भाषण, खालिस्तान के समर्थन में नारे और देश की एकता पर सवाल उठाने वाले पोस्टर-बैनर शामिल थे। पुलिस ने कई वीडियो और गवाहों के बयान नए सबूत के तौर पर कोर्ट में पेश किए, जिसके आधार पर अब फिर से कार्यवाही शुरू होगी
कौन हैं आरोपी?
पुलिस द्वारा पेश पूरक आरोप-पत्र में कुल छह व्यक्तियों को नामजद किया गया है। इनमें प्रमुख रूप से हरप्रीत सिंह, गुरविंदर पाल, जसबीर सिंह, अमनदीप सिंह, सतनाम सिंह और बलजीत सिंह शामिल हैं। इन सभी पर राष्ट्रद्रोह, सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने और शांति भंग करने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
आगे क्या?
कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अब इस मामले की सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी। अगली सुनवाई की तारीख दो सप्ताह बाद तय की गई है। पुलिस का कहना है कि अगर जरूरत पड़ी तो एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) से भी सहयोग लिया जा सकता है।
बड़ी बात:
422 दिन बाद केस को दोबारा खोला गया
पुलिस ने पूरक चार्जशीट में वीडियो सबूत और गवाह जोड़े
अब अलगाववादी गतिविधियों को लेकर कोर्ट की नजर सख्त
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