श्री रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज घूसकांड: कब होगी लाइसेंस रद्दीकरण की कार्रवाई?

Shri Rawatpura Sarkar Medical College bribery case: When will the license cancellation action be taken? श्री रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज घूसकांड: कब होगी लाइसेंस रद्दीकरण की कार्रवाई?
 0
श्री रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज घूसकांड: कब होगी लाइसेंस रद्दीकरण की कार्रवाई?

श्री रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज घूसकांड: कब होगी लाइसेंस रद्दीकरण की कार्रवाई?

रायपुर। छत्तीसगढ़ में श्री रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज एक बार फिर घूसकांड को लेकर चर्चा में है। आम जनता से लेकर मेडिकल स्टूडेंट्स और राजनीतिक गलियारों तक यही सवाल गूंज रहा है कि आखिर सरकार कब इस कॉलेज का लाइसेंस रद्द करेगी। जिस तरह से कॉलेज में एनआरआई कोटे के नाम पर बिना NEET क्वालिफाई किए छात्रों से करोड़ों रुपए की वसूली का मामला उजागर हुआ है, उसने चिकित्सा शिक्षा की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बिना योग्यता के MBBS, मोटी रकम लेकर एडमिशन

सूत्रों की मानें तो रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज में NRI कोटा के नाम पर ऐसे छात्रों को MBBS में दाखिला दिया गया, जिन्होंने NEET तक क्वालिफाई नहीं किया। इसके बदले में अभिभावकों से मोटी रकम वसूली गई। यह घोटाला तब उजागर हुआ जब कॉलेज प्रशासन पर घूस देने और सीटों की हेराफेरी करने के आरोप लगे।

रावतपुरा यूनिवर्सिटी पर भी गंभीर आरोप

मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ रावतपुरा सरकार यूनिवर्सिटी भी विवादों में घिर गई है। आरोप है कि यहां मोटी रकम लेकर डिग्रियां बांटी जाती हैं। कई छात्र ऐसे हैं जिन्हें परीक्षा दिए बिना डिग्री प्रदान कर दी गई। कहा जा रहा है कि रावतपुरा सरकार यूनिवर्सिटी में दाखिले से लेकर परीक्षा तक सब कुछ पैसे के दम पर तय होता है। यह एक बड़ा शिक्षा घोटाला है जिसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग उठ रही है।

धर्म का चोला, पैसा कमाने का खेल

श्री रावतपुरा सरकार उर्फ रविशंकर प्रसाद पर सनातन धर्म की आस्था के साथ खिलवाड़ करने के भी आरोप लगे हैं। आरोप है कि बाबा ने धार्मिक संस्थाओं के नाम पर आम जनता को गुमराह कर करोड़ों की संपत्ति इकट्ठा की है। इतना ही नहीं, मेडिकल कॉलेज की सीटें बढ़ाने के लिए केंद्र की निरीक्षण टीम को रिश्वत देने की तैयारी भी की गई थी। यह बाबा के असली चेहरे को उजागर करने वाला मामला बन गया है।

काले धन को सफेद करने का अड्डा बना रावतपुरा नेटवर्क

सूत्रों के मुताबिक, रावतपुरा सरकार की संस्थाओं में कई बड़े मंत्रियों और नेताओं की काली कमाई लगी हुई है। संस्थानों के नाम पर सरकारी जमीन कब्जाने, और दान की जमीनों पर कॉलोनी काटने के मामले भी अब धीरे-धीरे बाहर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि दान में मिली जमीनों को रजिस्ट्री कर, भूखंड बेचकर करोड़ों का मुनाफा कमाया गया है।

न मुफ्त शिक्षा, न गरीबों के लिए इलाज

आम जनता का कहना है कि बाबा के नाम पर एक भी ऐसा स्कूल, कॉलेज या अस्पताल नहीं है, जहां गरीबों को मुफ्त शिक्षा या इलाज की सुविधा दी जाती हो। इससे साफ होता है कि बाबा का उद्देश्य सिर्फ पैसा कमाना है। धर्म, शिक्षा और स्वास्थ्य के नाम पर बनाई गई ये संस्थाएं केवल मुनाफा कमाने का जरिया बन गई हैं।

सार्वजनिक मांग: कड़ी कार्रवाई हो

अब जनता की मांग है कि केंद्र और राज्य सरकार इस घोटाले का संज्ञान लेकर मेडिकल कॉलेज का लाइसेंस तत्काल रद्द करें और यूनिवर्सिटी की जांच कराई जाए। साथ ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि शिक्षा और धर्म के नाम पर चल रहे इस कारोबार पर लगाम लगाई जा सके।

What's Your Reaction?

Like Like 1
Dislike Dislike 0
Love Love 1
Funny Funny 0
Angry Angry 1
Sad Sad 0
Wow Wow 0