रायपुर में इंदौर मॉडल लागू करने की तैयारी, महापौर मीनल चौबे ने किए बड़े ऐलान
रायपुर में इंदौर मॉडल लागू करने की तैयारी, महापौर मीनल चौबे ने किए बड़े ऐलान
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अब सफाई व्यवस्था को नया रूप देने की तैयारी शुरू हो गई है। रायपुर की महापौर मीनल चौबे ने इंदौर दौरे से लौटने के बाद राजधानी को इंदौर की तर्ज पर स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए कई अहम फैसलों का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि रायपुर में भी अब गीला और सूखा कचरा सख्ती से अलग-अलग कलेक्शन कराया जाएगा।
प्लास्टिक पर सख्ती और खुली नालियों पर रोक
महापौर मीनल चौबे ने कहा कि रायपुर में प्लास्टिक के उपयोग पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी। इसके साथ ही शहर में जहां-जहां खुली नालियां हैं, उन्हें कवर किया जाएगा ताकि गंदगी और बीमारियों का खतरा कम हो। महापौर ने बताया कि इन सभी कार्यों की निगरानी का जिम्मा शहर की महिला एनजीओ को सौंपा जाएगा, जिससे स्वच्छता अभियान में स्थानीय महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ेगी।
लंबे समय से उठ रही थीं मांगें
गौरतलब है कि राजधानी रायपुर में लंबे समय से सफाई व्यवस्था को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं। खुले नाले और कचरे के ढेर से शहर की सूरत बिगड़ रही थी। इसी को देखते हुए महापौर ने इंदौर मॉडल को राजधानी में लागू करने का निर्णय लिया है। इंदौर देश का सबसे स्वच्छ शहर है और वहां की सफाई व्यवस्था पूरे देश में मिसाल बन चुकी है।
वादे कितने कारगर होंगे, समय बताएगा
हालांकि, रायपुरवासियों के मन में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या यह वादे जमीन पर उतर पाएंगे। बीते वर्षों में भी कई महापौरों ने स्वच्छता को लेकर बड़े-बड़े दावे किए, लेकिन हालात नहीं बदले। अब देखना होगा कि मीनल चौबे का यह इंदौर मॉडल कितना कारगर साबित होता है और रायपुर की तस्वीर कितनी बदलती है।
निगरानी में महिला एनजीओ का दखल एक सराहनीय पहल
विशेषज्ञों का कहना है कि सफाई व्यवस्था की निगरानी में महिला एनजीओ को शामिल करना एक सकारात्मक कदम है। इससे न केवल व्यवस्था पर बेहतर नियंत्रण होगा, बल्कि महिलाओं को भी स्वच्छता अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का मौका मिलेगा।
फिलहाल रायपुरवासियों को महापौर के इन फैसलों के अमल का बेसब्री से इंतजार है।
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