कुख्यात हिस्ट्रीशीटर तोमर बंधु भगोड़ा घोषित, पुलिस ने किया इनाम घोषणा, नगर निगम की कार्य शैली पर उठे सवाल..
रायपुर: हिस्ट्रीशीटर तोमर बंधु अब भी फरार, पुलिस ने घोषित किया भगोड़ा — इनाम की घोषणा, नगर निगम की कार्यशैली पर उठे सवाल
रायपुर। राजधानी में अपराध की दुनिया में कुख्यात हिस्ट्रीशीटर तोमर बंधु — वीरेंद्र सिंह तोमर और रोहित तोमर — पिछले 25 दिनों से पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। रायपुर पुलिस ने दोनों को भगोड़ा घोषित कर दिया है और इनकी गिरफ्तारी में मदद करने या सूचना देने वालों के लिए इनाम की घोषणा भी की गई है। बावजूद इसके पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं, जिससे आम जनमानस में आक्रोश और असंतोष का माहौल है।
पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर यही कोई गरीब आदमी होता, तो पुलिस उसे कब का पकड़कर हवालात में डाल चुकी होती। लेकिन राजनीतिक संरक्षण और पैसे के दम पर तोमर बंधु अब तक छत्तीसगढ़ की अस्मिता को कलंकित कर रहे हैं। पुलिस की अलग-अलग टीम बनाकर लगातार छापेमारी के दावे जरूर किए जा रहे हैं, लेकिन नतीजा शून्य है।
नगर निगम और महापौर मीनल चौबे की भूमिका संदिग्ध इस पूरे मामले में रायपुर नगर निगम और महापौर मीनल चौबे की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है। जिस बंगले को अवैध बताकर गिराने की बात हो रही थी, उसे तोमर बंधु हाई कोर्ट से स्टे ऑर्डर लेकर बचाने में सफल हो गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम ने जानबूझकर इस मामले में लापरवाही बरती और दबाव में आकर कार्रवाई नहीं की।
अवैध कमर्शियल गतिविधियों पर भी सवाल बताया जा रहा है कि साईं विला कॉलोनी में तोमर बंधु 'शुभकामनाएं' नाम से सूदखोरी का कारोबार भी कर रहे थे। सवाल उठता है कि आवासीय क्षेत्र में कमर्शियल गतिविधियां कैसे संचालित हो रही थीं और नगर निगम ने अब तक उस पर ध्यान क्यों नहीं दिया।
भाजपा नेताओं पर भी आरोप स्थानीय लोगों में यह चर्चा है कि कुछ भाजपा नेता इन हिस्ट्रीशीटरों को बचाने में लगे हुए हैं। यही कारण है कि नगर निगम की ओर से समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
रायपुर की जनता ने महापौर मीनल चौबे पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर यही किसी गरीब का घर होता और थोड़ी सी गलती हुई होती तो महापौर महोदय बुलडोजर लेकर पहुंच जाती और पूरा गरीब का आशियाना गिरा देती लेकिन जिस तरह से हिस्ट्रीशीटर तोमर बंधु पर मेहरबानी दिख रही है इसमें रिश्वतखोरी और संरक्षण का आशंका जताई जा रही है।
पब्लिक को उम्मीद अब एसपी से अब आम जनता को रायपुर एसपी लाल उमेश सिंह से ही उम्मीद है, जिन्होंने दोनों आरोपियों को भगोड़ा घोषित किया है और इनाम भी रखा है। जनता चाहती है कि जल्द ही इन अपराधियों को पकड़कर सलाखों के पीछे भेजा जाए और उनके अवैध निर्माणों पर भी सख्त कार्रवाई की जाए।
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