"नकद नहीं, अब धान ले जाओ! मिलर्स को सरकार का 'धान-नामा
छत्तीसगढ़ के मिलर्स को सरकार ने एक ऐसा ऑफर दिया है, जिसे सुनकर कुछ हैरान हैं, तो कुछ परेशान! सरकार अब बकाया कुटाई भुगतान पैसे में नहीं, धान में करेगी।
जी हां, अब तक जिन मिलर्स को लाखों-करोड़ों की कुटाई राशि मिलनी थी, उन्हें अब कहा गया है —
"कुटाई का पैसा बाद में, पहले धान ले जाओ!"
🔸 क्या है पूरा माजरा?
दरअसल, बीते सीजन में मिलर्स ने सरकारी धान की कुटाई की थी। नियम के मुताबिक उन्हें प्रति क्विंटल के हिसाब से भुगतान मिलना था, लेकिन राज्य की तिजोरी फिलहाल खाली है।
अब सरकार ने नया तरीका निकाला है —
"बकाया राशि के बदले उतनी ही कीमत का धान दे दिया जाएगा।"
यानि सरकार का ये ऑफर:
"Cash नहीं, crop में settlement!"
🔸 मिलर्स बोले — धान देंगे, खर्चा भी हम करें?
मिलर्स इस फैसले से नाराज़ हैं। उनका कहना है —
"हमने कुटाई की, भुगतान नहीं मिला। अब वही धान फिर से देकर सरकार कह रही है कि दोबारा प्रोसेस करो! बिजली, मज़दूरी, ट्रांसपोर्ट — सब खर्च हमारा?"
🔸 सरकार की सफाई
शासन का तर्क है कि फिलहाल नकदी संकट चल रहा है, लेकिन FCI के लिए चावल तैयार करना जरूरी है। इसलिए मिलर्स को बकाया क्लियर करने का यही ‘क्रिएटिव’ तरीका निकाला गया है।
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