खाद संकट: भाजपा सरकार की नीति या किसानों के खिलाफ साज़िश?
खाद संकट: भाजपा सरकार की नीति या किसानों के खिलाफ साज़िश?
रायपुर, 3 जून 2025 राज्य में जारी खाद संकट को लेकर कांग्रेस पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह संकट सरकार प्रायोजित है और इसका उद्देश्य किसानों को परेशान करना और खाद व्यापारियों को लाभ पहुँचाना है।
कांग्रेस पार्टी के अनुसार, खरीफ सीजन में छत्तीसगढ़ में लगभग 11 लाख मीट्रिक टन खाद की आवश्यकता होती है, लेकिन सरकार ने मात्र 4 लाख मीट्रिक टन खाद की खरीद की है। इससे स्पष्ट है कि जानबूझकर खाद की किल्लत पैदा की गई है, ताकि किसानों को उत्पादन में बाधा आए और धान का उत्पादन कम हो।
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार खाद संकट के ज़रिए एक सोची-समझी रणनीति के तहत किसानों को हाशिए पर ढकेलने का काम कर रही है। उनका कहना है कि सरकार धान की खरीद से बचने के लिए यह नीति अपना रही है। यदि उत्पादन कम होता है, तो सरकार को किसानों से कम धान खरीदना पड़ेगा, जिससे उसकी वित्तीय ज़िम्मेदारी कम हो जाएगी।
कांग्रेस नेताओं का यह भी कहना है कि खाद संकट का सबसे बड़ा लाभ भाजपा से जुड़े थोक और खुदरा खाद विक्रेताओं को हो रहा है, जो कालाबाज़ारी के माध्यम से मनमाने दामों पर खाद बेच रहे हैं।
प्रमुख आरोप:
सरकार ने जानबूझकर खाद की पर्याप्त खरीद नहीं की।
खाद संकट से कृषि उत्पादन प्रभावित होगा।
सरकार धान खरीद से बचने की रणनीति पर काम कर रही है।
खाद व्यापारियों को लाभ पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है।
कांग्रेस की मांग:
तत्काल खाद की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
किसानों को मुफ्त या रियायती दरों पर खाद दी जाए।
खाद की कालाबाज़ारी पर सख्त कार्रवाई की जाए।
यदि यह खाद संकट जल्द नहीं सुलझा, तो राज्य के लाखों किसान खरीफ सीजन में भारी नुकसान का सामना कर सकते हैं, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था पर भी गहरा प्रभाव पड़ेगा।
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