बाबा बनकर कर रहे थे गांजा तस्करी, पुलिस ने साधुओं की खोल दी पोल!'
छत्तीसगढ़ में मंगलवार को एक ऐसा मामला सामने आया जिसने आम लोगों से लेकर पुलिस तक को हैरान कर दिया। दो ऐसे युवक जो साधु वेशधारण कर पूरे इलाके में घूम-घूमकर लोगों को 'आशीर्वाद' देते फिरते थे, असल में गांजे के धंधेबाज निकले।
वेश – बाबा का, पेशा – गांजा तस्करी!
सिर पर जटाएं, शरीर पर लपेटी गई धोती, गले में रुद्राक्ष की माला, हाथ में चीलम और होठों पर शांति की बातें... ये सब देखकर किसी को शक नहीं हुआ कि इन ‘बाबाओं’ का असली काम क्या है। लेकिन पुलिस की पैनी नजरों से वो बच नहीं सके।
सूत्रों के मुताबिक, ये दोनों युवक छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में साधु का रूप धरकर घूमते थे और गांजे की सप्लाई करते थे। उन्हें लगता था कि वेशभूषा उन्हें कानून से बचा लेगी, लेकिन किस्मत ने धोखा दे दिया।
पुलिस को हुआ शक, तो हुआ खुलासा
स्थानीय पुलिस को इन 'बाबाओं' की गतिविधियों पर कुछ समय से शक था। जब इन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और उनकी तलाशी ली गई तो उनके थैलों और चादरों में गांजे की थैलियां बरामद हुईं। इनके पास से एक बाइक (यूपी नंबर प्लेट वाली) भी बरामद की गई, जिससे ये गांजा एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाते थे।
बरामद सामग्री:
करीब 5 किलो गांजा
दो थैले, जिसमें गांजा छुपाकर रखा गया था
यूपी नंबर की बाइक
कुछ नकदी और मोबाइल
पुलिस का बयान:
"ये लोग बहुत शातिर हैं। वेशभूषा का इस्तेमाल कर रहे थे ताकि किसी को शक न हो। हमने इन्हें रंगे हाथों पकड़ा है और अब इनका पूरा नेटवर्क खंगाला जा रहा है," – थानाप्रभारी।
लोगों की प्रतिक्रिया:
स्थानीय लोगों ने कहा कि ये बाबा अक्सर मंदिरों के पास बैठे रहते थे और श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देने के बहाने बातचीत करते थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि उनके झोले में प्रसाद नहीं, बल्कि नशे का सामान छुपा है।
अब आगे क्या?
पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है कि ये गांजा कहां से ला रहे थे, किन-किन जगहों पर सप्लाई कर रहे थे, और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है। जल्द ही इस गिरोह के अन्य सदस्यों को भी पकड़ने की उम्मीद है।
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