क्रिकेट स्टार्स कर रहे सट्टेबाजी ऐप्स का प्रचार, 30 करोड़ युवा प्रभावित: सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता, कहा – 'जैसे हत्या नहीं रोक सकते, वैसे सट्टा भी नहीं'
क्रिकेट स्टार्स कर रहे सट्टेबाजी ऐप्स का प्रचार, 30 करोड़ युवा प्रभावित: सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता, कहा – 'जैसे हत्या नहीं रोक सकते, वैसे सट्टा भी नहीं'
नई दिल्ली | 26 मई 2025 देश में तेजी से बढ़ रही ऑनलाइन सट्टेबाजी की प्रवृत्ति और इससे जुड़े गंभीर परिणामों पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। अदालत के अनुसार, केवल कानून बना देने से इस खतरे को पूरी तरह नहीं रोका जा सकता।
1000 से अधिक आत्महत्याएं, 30 करोड़ युवा प्रभावित
याचिकाकर्ता के अनुसार, कई क्रिकेट खिलाड़ी और सेलेब्रिटीज ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप्स का खुलकर प्रचार कर रहे हैं, जिससे युवा इन ऐप्स की ओर आकर्षित हो रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक 1000 से ज्यादा आत्महत्याएं सट्टेबाजी के कारण हो चुकी हैं।
सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा:
> "जैसे हम हत्या नहीं रोक सकते, वैसे कानून सट्टा नहीं रोक सकता। अगर कोई एक मोबाइल से एक टीवी देखता है और दूसरे मोबाइल से दूसरा, तो इसे कैसे रोका जाएगा?"
राजस्थान के कोटा में आत्महत्याओं पर भी कोर्ट गंभीर
कोर्ट ने राजस्थान सरकार से पूछा:
> "आत्महत्याएं सिर्फ कोटा में क्यों हो रही हैं? अब तक आपने क्या कदम उठाए?"
कोटा, देश का सबसे बड़ा कोचिंग हब माना जाता है, जहाँ हर साल हजारों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। पिछले कुछ वर्षों में वहां आत्महत्या की घटनाओं में चिंताजनक वृद्धि हुई है।
आंकड़ों पर नजर: आत्महत्याओं की संख्या
वर्ष आत्महत्याएं
2022 15
2023 26
2024 17
2025 14 (अब तक)
राजस्थान सरकार ने उठाए ये कदम:
कोचिंग संस्थानों को छुट्टियों का आदेश
छात्रों की मासिक मानसिक स्वास्थ्य जांच अनिवार्य
हेल्पलाइन और परामर्शदाताओं की व्यवस्था
30% छात्रों ने अब तक काउंसलिंग ली है
जरूरत है ठोस नीति की
यह मामला न केवल ऑनलाइन सट्टेबाजी पर नियंत्रण की मांग करता है, बल्कि छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और शैक्षणिक दबाव को कम करने की दिशा में गंभीर नीति निर्माण की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है।
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