छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल विस्तार की उलटी गिनती शुरू, 17- 18 अगस्त को शपथ की प्रबल संभावना
छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल विस्तार की उलटी गिनती शुरू, 17- 18 अगस्त को शपथ की प्रबल संभावना
रायपुर छत्तीसगढ़ में लंबे समय से प्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार अब लगभग तय माना जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के 21 अगस्त से शुरू हो रहे पहले विदेश दौरे से पहले सियासी हलचलें तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि 17 अगस्त को नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है, क्योंकि 17, 18 और 19 अगस्त ही इसके लिए उपलब्ध तिथियां हैं।
मुख्यमंत्री का विदेश दौरा और दिल्ली प्रवास
मुख्यमंत्री 21 से 31 अगस्त तक जापान और दक्षिण कोरिया के दौरे पर रहेंगे, जहां वे निवेशकों से मुलाकात करेंगे। इससे पहले उन्हें उपराष्ट्रपति पद के नामांकन कार्यक्रम में शामिल होने दिल्ली भी जाना होगा। ऐसे में 20 अगस्त तक का समय बेहद अहम हो गया है।
राजभवन दरबार हॉल का नाम बदला
इस बीच 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजभवन दरबार हॉल का नाम बदलकर ‘छत्तीसगढ़ मंडपम’ कर दिया गया। यही वह स्थान है जहां नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी। इस बदलाव को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
क्यों जरूरी है अगस्त में विस्तार?
अगर मंत्रिमंडल विस्तार अगस्त के इन तीन दिनों (17-19) में नहीं होता तो अगला व्यावहारिक मौका दिसंबर में ही मिल पाएगा। कारण यह कि अगस्त के बाद
मुख्यमंत्री विदेश दौरे पर रहेंगे
गणेशोत्सव और पितृपक्ष शुरू हो जाएंगे
अक्टूबर में बिहार चुनावों की अधिसूचना और प्रचार
नवंबर में छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस, दशहरा और दीपावली जैसे बड़े पर्व
इन व्यस्तताओं के कारण राजनीतिक दल इस दौरान कोई बड़ा प्रशासनिक निर्णय लेने से बचते हैं।
इसी वजह से दिसंबर का विधानसभा का शीतकालीन सत्र मंत्रिमंडल विस्तार का पारंपरिक समय माना जाता है। पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह भी अपने कार्यकाल में इसी अवधि में ऐसे फैसले लिया करते थे।
संभावित नए मंत्री
सूत्रों के अनुसार इस बार तीन नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है। रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग से एक-एक विधायक को मंत्री बनाए जाने की संभावना है।
चर्चा में आए संभावित नाम –
बस्तर से : लता उसेंडी
बिलासपुर से : अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक
दुर्ग से : गजेंद्र यादव
रायपुर से : राजेश मूणत, सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा
इन नामों पर विचार संगठनात्मक अनुभव, सामाजिक-सामरिक संतुलन और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। हालांकि अंतिम फैसला दिल्ली नेतृत्व के हाथ में है और सूत्रों के मुताबिक नामों पर केंद्रीय स्तर पर मुहर लग चुकी है।
मायने
फिलहाल संकेत यही हैं कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विदेश दौरे से पहले मंत्रिमंडल विस्तार हो जाएगा। यदि 17 अगस्त को शपथ ग्रहण नहीं होता तो मामला सीधे दिसंबर तक टल सकता है।
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