Conversion controversy in Sipat सीपत में धर्मांतरण का विवाद: 200 से ज्यादा लोग जुटे, पथराव और हंगामे के बाद 5 गिरफ्तार

सीपत में धर्मांतरण का विवाद: 200 से ज्यादा लोग जुटे, पथराव और हंगामे के बाद 5 गिरफ्तार
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Conversion controversy in Sipat सीपत में धर्मांतरण का विवाद: 200 से ज्यादा लोग जुटे, पथराव और हंगामे के बाद 5 गिरफ्तार

सीपत में धर्मांतरण का विवाद: 200 से ज्यादा लोग जुटे, पथराव और हंगामे के बाद 5 गिरफ्तार

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सीपत क्षेत्र में रविवार को धर्मांतरण का बड़ा मामला सामने आया। सीपत के नवाडीह स्थित तिवारी प्लॉट पर प्रार्थना सभा के नाम पर आयोजित कार्यक्रम में 200 से अधिक लोग शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को बाइबल वितरित की जा रही थी और भोजन की व्यवस्था भी की गई थी। हिंदू संगठनों को इसकी जानकारी मिली तो वे मौके पर पहुंचे, जिसके बाद वहां विवाद बढ़ गया और स्थिति बेकाबू हो गई।

प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण का आरोप

रविवार सुबह स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों को सूचना मिली कि तिवारी प्लॉट पर एक बड़ी प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही है, जिसमें कथित रूप से हिंदुओं का धर्मांतरण कराया जा रहा है। जब संगठन के कार्यकर्ता और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे मौजूद हैं। सभा के दौरान बाइबल बांटी जा रही थी और भोजन की व्यवस्था की गई थी। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी फैल गई।

गेट पर विरोध और फिर पथराव

हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम के आयोजकों और पादरी को बाहर आने की मांग की। लेकिन सभा में शामिल लोग अचानक उग्र हो गए। इसी बीच पुलिस को सूचना दी गई और पुलिस मौके पर पहुंची। जैसे ही पुलिस ने हस्तक्षेप करना शुरू किया, सभा स्थल के अंदर से पथराव शुरू हो गया। पत्थरबाजी में अफरा-तफरी मच गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।

पुलिस पर भी विरोध

पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन अंदर से हुए पथराव और विरोध के कारण हालात बिगड़ गए। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाया गया। शहर से पहुंचे जवानों ने अंदर घुसकर भीड़ को काबू में किया। हालांकि उस समय तक माहौल पूरी तरह गरमा चुका था।

आयोजकों की गिरफ्तारी

पुलिस ने मौके से कई लोगों को पकड़ा। गिरफ्तार किए गए लोगों में विजय, राजू साहू, गीता राम साहू, देवेन्द्र यादव, गौतम साहू, राहुल राज और कमलेश सोनवानी शामिल हैं। फिलहाल पुलिस ने इन पर मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच की जा रही है।

ग्रामीणों में आक्रोश

ग्रामीणों और हिंदू संगठनों का आरोप है कि प्रार्थना सभा की आड़ में लंबे समय से धर्मांतरण की गतिविधियां चलाई जा रही हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ऐसे आयोजनों पर रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। गांव के युवा बरन वर्मा ने बताया कि जब वे वहां पहुंचे तो बड़ी संख्या में ग्रामीण पहले से ही मौजूद थे और सभा में शामिल लोग बाइबल बांट रहे थे।

प्रशासन सतर्क

घटना के बाद से इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि स्थिति सामान्य बनी रहे। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल माहौल तनावपूर्ण है, लेकिन पुलिस लगातार निगरानी रख रही है।

बढ़ती घटनाओं से चिंता

छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ समय से धर्मांतरण को लेकर विवाद बढ़ते जा रहे हैं। कई जिलों से इस तरह की खबरें लगातार सामने आ रही हैं, जिससे सामाजिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो रही है। सीपत की यह घटना भी उसी कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है।

मायके

सीपत की घटना ने एक बार फिर धर्मांतरण और सामाजिक सौहार्द को लेकर बहस छेड़ दी है। जहां आयोजकों का पक्ष आना अभी बाकी है, वहीं हिंदू संगठनों का कहना है कि यह सीधे-सीधे धर्मांतरण की कोशिश थी। पुलिस ने फिलहाल 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और जांच में जुट गई है। प्रशासन का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इलाके में तनाव बना हुआ है।

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