छत्तीसगढ़ देशभर में बना 'वरिष्ठ नागरिकों' की सेहत का संरक्षक, वय-वंदना कार्ड में टॉप-5 में पहुंचा राज्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के लिए शुरू की गई "पीएम आयुष्मान वय-वंदना योजना" के तहत छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। राज्य में अब तक 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के 3 लाख 60 हजार से अधिक बुजुर्गों को वय-वंदना कार्ड मिल चुके हैं। इससे छत्तीसगढ़ देश में कार्ड निर्माण की रैंकिंग में पांचवें स्थान पर आ गया है, और राजस्थान, महाराष्ट्र, बिहार, ओडिशा जैसे बड़े राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के नेतृत्व में राज्य में इस योजना को युद्ध स्तर पर लागू किया जा रहा है। नवंबर 2024 के बाद से पंजीयन की रफ्तार में जबरदस्त इजाफा हुआ है।
राज्य के सभी जिलों में विशेष शिविर लगाकर आयुष्मान वय-वंदना कार्ड बनाए जा रहे हैं ताकि कोई भी पात्र नागरिक योजना से वंचित न रह जाए। सामाजिक संस्थाओं, वृद्धाश्रमों, पेंशनर्स एसोसिएशन और आवासीय सोसायटियों के माध्यम से लगातार जागरूकता फैलाई जा रही है।
घर बैठे बनवा सकते हैं कार्ड
यदि आपके घर में कोई भी सदस्य 70 वर्ष या उससे अधिक आयु का है, तो वह नजदीकी सरकारी अस्पताल, CMHO कार्यालय या स्वास्थ्य कार्यकर्ता के माध्यम से मुफ्त कार्ड बनवा सकता है। टोल फ्री नंबर 104 पर कॉल कर जानकारी भी ली जा सकती है। इसके अलावा, गूगल प्ले स्टोर से 'आयुष्मान भारत एप' और 'आधार फेस आईडी एप' डाउनलोड कर खुद भी कार्ड पंजीयन संभव है।
छह जिलों को “वय-मित्र” का दर्जा
राज्य सरकार ने उन 6 जिलों को “वय-मित्र” के रूप में चुना है जहां 60% से अधिक वय-वंदना पंजीयन कवरेज हासिल की गई है। यहां वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सुविधाएं दी जा रही हैं, जैसे:
जिला व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में वय-मित्र स्वास्थ्य परीक्षण शिविर
मोबाइल मेडिकल यूनिट्स द्वारा दूरस्थ अंचलों में सेवा
टेली-मेडिसीन व मानसिक स्वास्थ्य काउंसलिंग
हर गुरुवार “सियान-जतन शिविर”, आयुष पद्धति द्वारा इलाज
मोतियाबिंद जांच, आयुष्मान आरोग्य मंदिर में नियमित सेवाएं
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