छत्तीसगढ़: बस्तर की शांति पर नहीं होगा समझौता, इंद्रावती को लेकर कांग्रेस का सरकार पर बड़ा हमला
रायपुर, 29 अप्रैलइंद्रावती बचाओ अभियान के दूसरे दिन छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बस्तर और उसके संसाधनों को लेकर राज्य और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस भी बस्तर में शांति चाहती है, लेकिन आदिवासियों के जान-माल और संसाधनों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।
बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार नक्सलवाद की आड़ में पूंजीपतियों के लिए रास्ता खोल रही है। उन्होंने सवाल उठाया, “क्या नक्सलियों के बहाने बस्तर के जल, जंगल, जमीन को हड़पने की साजिश तो नहीं चल रही?” बैलाडीला और कांकेर खदानों के निजीकरण का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि बस्तर की संपदा को बेचने की तैयारी की जा रही है।
इंद्रावती पर आंदोलन का एलान
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने इंद्रावती नदी के जल बंटवारे को लेकर भी राज्य और ओडिशा की सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जल समझौते के अनुसार छत्तीसगढ़ और ओडिशा को बराबर पानी मिलना चाहिए, लेकिन सच्चाई यह है कि छत्तीसगढ़ को सिर्फ 20% पानी मिल रहा है, जो बस्तर जैसे आदिवासी बहुल इलाके के लिए नाकाफी है।
दीपक बैज ने कहा कि जब कांग्रेस की सरकार थी, तब बैराज निर्माण की योजना प्रस्तावित की गई थी, जिससे बस्तर को दीर्घकालिक जल सुरक्षा मिल सकती थी। भाजपा सरकार इस दिशा में कोई गंभीरता नहीं दिखा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि इंद्रावती को बचाने के लिए कांग्रेस सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ेगी।
“तोखन साहू को बस्तर की जानकारी नहीं”
बैज ने भाजपा नेता तोखन साहू पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें बस्तर की भौगोलिक और सामाजिक स्थिति की जानकारी नहीं है, फिर भी वे शांति की बातें कर रहे हैं।
कश्मीर हमले पर सरकार को घेरा
बैज ने हाल ही में कश्मीर में हुई आतंकी घटना को लेकर भी केंद्र सरकार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, “इतने सुरक्षित क्षेत्र में हथियार कैसे पहुंचे? पुलवामा हमले में 350 किलो आरडीएक्स कहां से आया? यह सब सुरक्षा व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है।” उन्होंने इसे संभावित साजिश करार देते हुए केंद्र सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग की।
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