CGMSC घोटाला: 5 अफसर गिरफ्तार, दो महाप्रबंधक समेत हेल्थ विभाग के डिप्टी डायरेक्टर पर शिकंजा

 0
CGMSC घोटाला: 5 अफसर गिरफ्तार, दो महाप्रबंधक समेत हेल्थ विभाग के डिप्टी डायरेक्टर पर शिकंजा

रायपुर छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (CGMSC) में करोड़ों रुपये के घोटाले के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो महाप्रबंधक, एक बायोमेडिकल इंजीनियर और स्वास्थ्य विभाग के उप निदेशक शामिल हैं। 

गिरफ्तार अधिकारी:

मीनाक्षी गौतम: महाप्रबंधक (वित्त)

 कमलकांत पाटनवार: महाप्रबंधक (तकनीकी उपकरण)

क्षिरौंद्र रावटिया: बायोमेडिकल इंजीनियर

 वसंत कौशिक: स्वास्थ्य विभाग के उप निदेशक

अभिमन्यु सिंह: टेंडर एवं परचेसिंग अधिकारी

 घोटाले का विवरण: ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, CGMSC ने वित्त वर्ष 2022-24 और 2023-24 के दौरान बिना बजट आवंटन के 660 करोड़ रुपये की दवाओं और उपकरणों की खरीदी की थी। इसमें से कई उपकरण और रिएजेंट्स आवश्यकता से अधिक मात्रा में खरीदे गए थे, जो बाद में खराब हो गए। प्रदेश के 776 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में से 350 से अधिक केंद्रों में बिना तकनीकी, जनशक्ति और भंडारण सुविधा के बावजूद सप्लाई की गई थी।

 जांच और आगे की कार्रवाई:

ACB/EOW ने घोटाले की जांच तेज कर दी है और गिरफ्तार अधिकारियों से पूछताछ जारी है। इसके अलावा, मोक्षित कॉर्पोरेशन के निदेशक शशांक चोपड़ा को भी गिरफ्तार किया गया है, जो वर्तमान में पुलिस रिमांड पर हैं। स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है, और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

 सरकारी कार्रवाई:

 राज्य सरकार ने इस घोटाले में शामिल मोक्षित कॉर्पोरेशन को तीन वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है, जिससे अब इस कंपनी से कोई भी दवा या मेडिकल उपकरण की खरीद नहीं की जा सकेगी।

निष्कर्ष:

CGMSC घोटाले में हुई इन गिरफ्तारियों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार और जांच एजेंसियां भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठा रही हैं। आगे की जांच में और भी अधिकारियों की संलिप्तता उजागर हो सकती है, जिससे स्वास्थ्य विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

What's Your Reaction?

Like Like 1
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0