जनता गरीब, सलाहकार नवाबी में! भूपेश सरकार के 'विश्वासपात्र' के खाते में 300 करोड़, SIT बोले – ये तो बस झांकी
छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों गर्मी सिर्फ मौसम की नहीं, भ्रष्टाचार के आंकड़ों की भी है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सलाहकार रहे केके श्रीवास्तव अब सुर्खियों में हैं—but इस बार मंच कविता का नहीं, पूछताछ कक्ष का है।
तेलीबांधा पुलिस ने श्रीवास्तव को रिमांड पर लिया है और SIT की टीम अब उन्हें पूछ रही है कि आख़िर वो कौन-सा चमत्कारी "विचार" था जिसने बैंक खाते में 300 करोड़ की बारिश कर दी! कहीं ये 'गवर्नेंस मॉडल' तो नहीं था जो सिर्फ ख़ास लोगों के लिए काम करता है?
विपक्ष ने इस पूरे मामले को 'भूपेश बघेल सरकार का ATM स्कैम' करार देते हुए तंज कसा है—"जनता के खातों में तो 15 लाख नहीं आए, लेकिन सलाहकारों के खातों में 300 करोड़ चुपचाप घुस गए!"
SIT की मानें तो लेन-देन की परतें अभी खुलनी बाकी हैं, और हो सकता है कि यह 'सौगात' कई और रसूखदारों के दरवाज़े खटखटाए। अब देखना यह है कि जांच के बाद कौन-कौन इस 'विकास यात्रा' में शरीक थे, और किसे मिली टिकट से सीधा स्विस बैंक का रास्ता!
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस मामले से भूपेश बघेल की छवि को बड़ा झटका लग सकता है। हालांकि कांग्रेस खेमे का कहना है कि “यह सब एक राजनीतिक साजिश है।” लेकिन जनता पूछ रही है—“300 करोड़ की ये कहानी है, या कोई पुराना चुनावी ‘रिटर्न गिफ्ट’?”
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