भूपेश बघेल का आरोप: "डिजिटल सुपारी अभियान" कांग्रेस और मेरी छवि धूमिल करने की साजिश
भूपेश बघेल का आरोप: "डिजिटल सुपारी अभियान" कांग्रेस और मेरी छवि धूमिल करने की साजिश
रायपुर, 1 अगस्त 2025 छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने एक बार फिर विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से ट्वीट करते हुए बघेल ने दावा किया कि एक संगठित “डिजिटल सुपारी अभियान” के ज़रिए उन्हें और कांग्रेस पार्टी को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
ट्वीट में उन्होंने लिखा:
> “अडानी को बचाने और भूपेश बघेल एवं कांग्रेस पार्टी की छवि को धूमिल करने के लिए 'डिजिटल सुपारी अभियान' चालू है।”
AI, इन्फ्लुएंसर और मीडिया – एक टूलकिट की साजिश?
भूपेश बघेल के अनुसार, इस अभियान के तहत अखबारों में झूठी खबरें छपवाना, AI से बनी नकली तस्वीरों का उपयोग करना और फिर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की मदद से उन्हें फैलाना — इन सभी को एक साजिश के तौर पर अंजाम दिया जा रहा है। उन्होंने इस पूरी गतिविधि को एक “गैंग की टूलकिट” करार दिया।
“सरकारी तंत्र भी शामिल” – बघेल का बड़ा दावा
इस पूरे ट्वीट में सबसे चौंकाने वाला हिस्सा वह है जहाँ बघेल ने सीधे तौर पर दावा किया कि वर्तमान सरकार के लिए काम कर रहे कुछ लोग भी इस अभियान का हिस्सा हैं। उनके अनुसार:
> “बड़ी बात यह है कि सरकार के लिए काम करने वाले इस खेल में हिस्सा हैं। सबके नाम मुझ तक पहुंच रहे हैं।”
यह बयान यह संकेत देता है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस इस मुद्दे को और अधिक आक्रामक तरीके से उठा सकती है।
PR एजेंसियों और अफसरों को दी चेतावनी
बघेल ने अपने ट्वीट में स्पष्ट किया कि इस “डिजिटल सुपारी अभियान” में शामिल PR एजेंसियों और कमलछाप नौकरशाहों (भाजपा से जुड़ी नौकरशाही का प्रतीकात्मक ज़िक्र) को इसका जवाब देना होगा। उन्होंने लिखा:
> “सरकारी पैसे के राजनीतिक दुरुपयोग का हिसाब कमलछाप नौकरशाहों को भी देना होगा और उन PR एजेंसियों को भी।”
“समय से अधिक बलवान कोई नहीं”
अपने ट्वीट का समापन बघेल ने एक अर्थपूर्ण वाक्य के साथ किया:
> “समय से अधिक बलवान कोई नहीं!”
यह बयान संभवत: उन लोगों को चेतावनी है जो उनके अनुसार इस अभियान में शामिल हैं — कि वे चाहे जितनी भी कोशिश कर लें, सच्चाई अंततः सामने आकर रहेगी।
राजनीतिक हलचल और बयानबाजी तेज
इस ट्वीट के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में और अधिक उबाल आने की संभावना है। जहां एक ओर भाजपा समर्थक खेमा कांग्रेस पर “जनसंपर्क घोटाले” और "प्रचार के नाम पर लाभ उठाने" के आरोप लगा रहा है, वहीं कांग्रेस इस पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दे रही है।
आगामी दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर कानूनी या राजनीतिक मोर्चे पर कोई बड़ा कदम उठाती है, और क्या भाजपा इस ट्वीट पर कोई प्रतिउत्तर देती है।
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