"जस्टिस को 'वर्मा' कहने पर भड़की सुप्रीम कोर्ट, CJI बोले- ये आपके दोस्त नहीं हैं!"
न्यायपालिका की गरिमा और मर्यादा को बनाए रखना न केवल जजों की जिम्मेदारी है, बल्कि वकीलों और न्यायालय से जुड़े सभी लोगों की भी है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में एक वकील द्वारा इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश को केवल उनके सरनेम से संबोधित करने पर कोर्ट ने कड़ा संज्ञान लिया।
घटना का विवरण:
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज, जस्टिस यशवंत वर्मा को केवल 'वर्मा' कहकर संबोधित करने पर वकील मैथ्यूज नेदुम्परा को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) डी.वाई. चंद्रचूड़ और अन्य न्यायमूर्तियों ने फटकार लगाई। CJI बीआर गवई ने सख्त लहजे में कहा, "क्या वे आपके दोस्त हैं? वे अब भी जस्टिस वर्मा हैं। आप उन्हें कैसे संबोधित करते हैं, थोड़ी मर्यादा रखिए।"
वकील की प्रतिक्रिया और कोर्ट का रुख:
वकील ने जवाब दिया कि उन्हें नहीं लगता कि जस्टिस वर्मा को इतनी इज्जत देनी चाहिए। इस पर CJI ने कहा, "प्लीज, कोर्ट को ऑर्डर करने दीजिए।" सुप्रीम कोर्ट ने न केवल वकील को समझाया बल्कि उनके द्वारा दायर याचिका भी खारिज कर दी। उस याचिका में उन्होंने जस्टिस वर्मा के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की थी।
विवाद की दूसरी परत:
इस विवाद का दूसरा पहलू भी सामने आया है। जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही शुरू हो चुकी है। लोकसभा में आज 152 सांसदों ने उन्हें हटाने के लिए प्रस्ताव रखा है। यह मामला अब और गंभीर रूप ले सकता है और संसद व न्यायपालिका के बीच संतुलन की परीक्षा भी बन सकता है।
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