"पूर्णिया में पादरी पर धर्मांतरण का आरोप: लालच देकर भोले-भाले ग्रामीणों को बनाया निशाना"
बिहार के पूर्णिया जिले के बायसी प्रखंड के माला गांव में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पादरी द्वारा गरीब और भोले-भाले ग्रामीणों को पैसे और सुविधाओं का लालच देकर उनका धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगा है। इस घटना ने न सिर्फ गांव के सामाजिक ताने-बाने को झकझोर दिया, बल्कि प्रशासन की सतर्कता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रलोभन का जाल और आरोप
आरोप है कि चर्च में कार्यरत पादरी अनिल राय ग्रामीणों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए 20 हजार रुपये नकद, बच्चों की पढ़ाई, इलाज और विदेश भेजने जैसे लालच दे रहा था। इस लालच में कई लोग आ भी गए और उन्होंने पादरी के घर पर आयोजित प्रार्थना सभाओं में भाग लेना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे ये सभाएं धर्मांतरण की प्रक्रिया में बदल गईं। स्थानीय लोगों का दावा है कि पिछले करीब 3 सालों से यह गतिविधि चुपचाप चल रही थी।
ग्रामीणों की शिकायत और कार्रवाई
घटना की जानकारी तब सामने आई जब ग्रामीणों और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं को इसकी भनक लगी। उन्होंने पादरी के घर पर जाकर उसे रंगे हाथ पकड़ा और मौके से धार्मिक ग्रंथ, डायरी, और नकद लेन-देन के दस्तावेज बरामद किए। बाद में पादरी को पुलिस के हवाले कर दिया गया। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जो लोग धर्म परिवर्तन के खिलाफ आवाज उठाते थे, उन्हें डराया-धमकाया जाता था।
पुलिस और प्रशासन की भूमिका
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और मामले में जांच शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपों की पुष्टि के बाद उचित कानूनी कदम उठाए जाएंगे। वहीं, पादरी अनिल राय का कहना है कि वह निर्दोष है और यह सब कुछ उसकी छवि खराब करने के लिए एक साजिश है। उसने यह भी दावा किया कि वह सिर्फ प्रार्थना करवाता था और किसी को भी जबरन धर्म बदलने के लिए नहीं कहा।
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