NRC: क्या है राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर और इसका उद्देश्य?
राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) भारत के सभी वैध नागरिकों का एक आधिकारिक रजिस्टर है, जिसे 1955 के नागरिकता अधिनियम में 2003 के संशोधन द्वारा अनिवार्य किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य भारत के सभी कानूनी नागरिकों का दस्तावेजीकरण करना है ताकि अवैध प्रवासियों की पहचान और निर्वासन किया जा सके।
अब तक, NRC केवल असम राज्य में लागू किया गया है। असम में 2013-2014 में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में NRC प्रक्रिया शुरू हुई, और 31 अगस्त 2019 को अंतिम अद्यतन सूची प्रकाशित की गई, जिसमें लगभग 3.3 करोड़ आबादी में से 3.1 करोड़ लोगों के नाम शामिल थे, जबकि लगभग 20 लाख आवेदकों को शामिल नहीं किया गया था।
राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) और NRC में अंतर है। NPR में भारत के किसी भी ग्रामीण या शहरी क्षेत्र में रहने वाले नागरिक और गैर-नागरिक दोनों शामिल हैं, जबकि NRC केवल भारतीय नागरिकों का रजिस्टर है। NPR नागरिकता गणना अभियान नहीं है, क्योंकि इसमें छह महीने से अधिक समय तक किसी इलाके में रहने वाले विदेशी नागरिक का भी रिकॉर्ड होता है।
NRC की प्रक्रिया और इसके संभावित प्रभावों पर व्यापक बहस और विरोध हुए हैं, विशेष रूप से नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के संदर्भ में, जो कुछ धार्मिक समुदायों के प्रवासियों को नागरिकता प्रदान करता है।
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