रुह कंपा देने वाला हमला: पहलगाम में आतंकी हमले में गईं जानें, पूर्व मंत्री बोले - ‘शहीदों को मिले सम्मान’
पहलगाम (जम्मू-कश्मीर)। टूरिज़्म के लिए मशहूर पहलगाम अब गोलियों की गूंज से सहमा हुआ है। आतंकी हमले में बेगुनाह लोगों की मौत से पूरे देश में ग़म और गुस्से का माहौल है। इस घटना पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा, "जो जान गंवा बैठे, वो किसी लड़ाई में नहीं, आतंक से देश की रक्षा करते हुए गए। उन्हें शहीद का दर्जा मिलना चाहिए।"
अकबर ने केंद्र सरकार से मांग की है कि मृतकों के परिवारों को न सिर्फ आर्थिक मदद दी जाए, बल्कि उन्हें राष्ट्र के नायक की तरह सम्मान भी दिया जाए।
2. "पहलगाम में खौफ की रात: गोलियों की बारिश में बिखर गए सपने, पूर्व मंत्री ने कहा – 'अब सिर्फ निंदा नहीं, एक्शन चाहिए'"
पहलगाम। एक ओर टूरिस्ट कैमरे से घाटी की खूबसूरती कैद कर रहे थे, दूसरी ओर आतंकियों ने गोलियों से खौफ फैलाया। इस हमले में कई लोगों की जान गई। घटना के बाद छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा, "अब वक्त आ गया है कि ऐसे हमलों को सिर्फ बयानबाज़ी से नहीं, ठोस कार्रवाई से जवाब दिया जाए।"
उन्होंने मांग की कि मृतकों को शहीद का दर्जा मिले और सरकार आतंक के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाए।
हमले की पूरी कहानी – चश्मदीदों की जुबानी:
घटना सोमवार शाम करीब 6 बजे की है।
लोग रोज़ की तरह अपनी दुकानों को समेट रहे थे, कुछ टूरिस्ट लौटने की तैयारी में थे। तभी अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट गूंजने लगी। आतंकियों ने बिना किसी चेतावनी के आम लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया।
रईस अहमद, जो पास की दुकान पर थे, बताते हैं:
> "हमने समझा पटाखे चल रहे हैं, लेकिन जब देखा कि लोग गिर रहे हैं और खून बह रहा है... तो जान बचाने के लिए भागे। पूरा इलाका रणभूमि लगने लगा।"
सरकार की प्रतिक्रिया और पूर्व मंत्री का बयान:
हमले के बाद छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा:
> "ये सिर्फ आतंकी हमला नहीं, एक सीधा हमला है इंसानियत और देश की सुरक्षा भावना पर। जो मारे गए हैं, वो केवल पीड़ित नहीं – वो हमारे नायक हैं। उन्हें शहीद का दर्जा मिलना चाहिए।"
उन्होंने केंद्र सरकार से माँग की कि मारे गए लोगों के परिजनों को सरकारी सहायता दी जाए और उन्हें वो सम्मान मिले जो देश के रक्षक को मिलना चाहिए।
इलाके में तनाव, सेना का सर्च ऑपरेशन जारी:
सेना और CRPF ने इलाके को पूरी तरह घेर लिया है
सर्च ऑपरेशन जारी है, संदिग्धों की तलाश हो रही है
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से घरों में रहने की अपील की है पहलगाम और आसपास के इलाके में इंटरनेट सेवा अस्थायी रूप से बंद
जनता का गुस्सा: “कब तक मरेगा आम आदमी?”
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार हर हमले के बाद निंदा करती है, लेकिन ज़मीन पर हालात नहीं बदलते।
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