पहलगाम हमले के पीछे 'कमांडो मूसा' का मास्टर प्लान; जम्मू-कश्मीर में 48 पर्यटन स्थल सील
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड पूर्व पाकिस्तानी कमांडो 'मूसा' बताया जा रहा है। खुफिया सूत्रों के मुताबिक, मूसा अब लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम कर रहा है और उसने गैर-कश्मीरियों पर हमले के लिए खास रणनीति बनाई थी। हमले के बाद जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने 48 प्रमुख पर्यटन स्थलों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।
बताया जा रहा है कि मूसा ने घाटी में आतंक को दोबारा भड़काने के लिए खास कमांडो दस्ते को प्रशिक्षित किया है। इन आतंकियों का मकसद है कि ज्यादा से ज्यादा पर्यटकों और बाहरी लोगों को निशाना बनाया जाए ताकि घाटी में डर का माहौल बन सके।
घटना के बाद पहलगाम से लेकर गुलमर्ग और सोनमर्ग जैसे लोकप्रिय पर्यटन केंद्रों पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। ड्रोन से निगरानी और विशेष तलाशी अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, आतंकी संगठन का मकसद घाटी में पर्यटन को चौपट करना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जम्मू-कश्मीर को अस्थिर दिखाना है। इस हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने एक हाई अलर्ट जारी कर दिया है और मूसा को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है।
क्या है 'कमांडो मूसा' का इतिहास?
कमांडो मूसा पाकिस्तानी सेना का पूर्व कमांडो बताया जा रहा है, जिसने बाद में लश्कर-ए-तैयबा से हाथ मिला लिया। मूसा को आधुनिक हथियारों और गुरिल्ला युद्ध कौशल में महारत हासिल है। खुफिया एजेंसियां पहले से ही उसे भारत में बड़े हमलों का मास्टरमाइंड मानती रही हैं।
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