"भारत को मिला नया 'हथियार', अपाचे हेलिकॉप्टर लैंड हुआ हिंडन पर"
भारतीय सेना की ताकत को नया आयाम देते हुए अत्याधुनिक अमेरिकी अपाचे AH-64E अटैक हेलिकॉप्टर अब भारतीय ज़मीन पर उतर चुके हैं। यह हेलिकॉप्टर पूरी दुनिया में अपनी मारक क्षमता, तकनीकी कुशलता और युद्ध कौशल के लिए प्रसिद्ध हैं। थल सेना के बेड़े में शामिल होने वाला यह पहला अवसर है जब इतने उन्नत हेलिकॉप्टर मिलिट्री ग्राउंड ऑपरेशनों के लिए तैनात किए जा रहे हैं।
अमेरिका से इन हेलिकॉप्टरों को विशेष एंटोनोव कार्गो विमान के जरिए उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस पर लाया गया। यह पहली खेप है, जिसमें कुल तीन हेलिकॉप्टर शामिल हैं। डील के तहत भारत को कुल छह अपाचे हेलिकॉप्टर मिलने हैं। रक्षा मंत्रालय ने वर्ष 2020 में अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी बोइंग के साथ 600 मिलियन डॉलर का समझौता किया था, लेकिन वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में देरी के कारण अब जाकर इनकी डिलीवरी हो पाई है।
इन अपाचे हेलिकॉप्टरों को थल सेना के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है। इनकी तैनाती राजस्थान के जोधपुर एयरबेस पर की जा रही है, जो पाकिस्तान सीमा के काफी नजदीक है। इस स्थान का चयन रणनीतिक दृष्टिकोण से किया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर सीमाई इलाकों में तुरंत जवाबी कार्रवाई की जा सके। रेगिस्तानी इलाके में काम करने के लिए इन हेलिकॉप्टरों को खास रेत जैसे रंग में रंगा गया है, जिससे वे वातावरण में घुल-मिलकर आसानी से दुश्मन की नजरों से बच सकें।
अपाचे AH-64E हेलिकॉप्टरों की विशेषताओं की बात करें तो ये दिन और रात दोनों में दुश्मन पर सटीक हमला करने की क्षमता रखते हैं। इनमें अत्याधुनिक सेंसर, टारगेट एक्विजीशन सिस्टम, नाइट विज़न, और लंबी दूरी तक मार करने वाले हथियार लगे होते हैं। इन हेलिकॉप्टरों में लगी हेलफ़ायर मिसाइल, 30 मिमी की चेन गन और रॉकेट पॉड इन्हें और भी घातक बनाते हैं। इसके अलावा यह दुश्मन के टैंकों, बंकरों, सैनिक ठिकानों और यहां तक कि लो-फ्लाइंग एयरक्राफ्ट को भी निशाना बना सकता है।
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