गुणवत्ता विहीन कोर्स बंद होंगे: राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों को दिए सख्त निर्देश
राज्यपाल ने प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिया कि ऐसे सभी कोर्स तुरंत बंद किए जाएं जिनमें न तो शिक्षक हैं और न ही छात्र। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कोर्स में पढ़ाने वाला और पढ़ने वाला ही नहीं है, तो ऐसे पाठ्यक्रमों को जारी रखने का क्या औचित्य है?
इस बैठक में प्रदेश की समस्त विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को राजभवन में आमंत्रित किया गया था। राज्यपाल ने दो माह के भीतर शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना और उच्च शिक्षा विभाग की सचिव डॉ. एस. भारती दासन भी उपस्थित थीं।
राज्यपाल ने यह भी कहा कि निजी विश्वविद्यालयों के कुलपति अपने प्रबंधन के साथ मिलकर शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने की विस्तृत कार्ययोजना बनाएं और वह कार्ययोजना सितंबर माह तक उपलब्ध कराएं। इसके साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के सभी मापदंडों और नियमों का कठोरता से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
यह निर्देश न केवल उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए दिया गया है, बल्कि शिक्षा प्रणाली को व्यावहारिक, प्रासंगिक और छात्र-हितैषी बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास भी है। राज्यपाल का यह कदम शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक ठोस पहल मानी जा रही है।
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