झारखंड शराब घोटाले में ACB ने एपी त्रिपाठी को आड़े हाथों लिया
झारखंड राज्य में चल रहे शराब वितरण और मंजूरी प्रक्रिया में कथित भ्रष्ट्राचार के व्यापक घोटाले में अब ए.पी. त्रिपाठी सहित कई और अधिकारी मुश्किलों में घिरते नजर आ रहे हैं। यह मामला प्रदेश में सुर्खियों में है क्योंकि इसमें करोड़ों रुपये की हेराफेरी के आरोप लगे हैं, जो जांच एजेंसी एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की रडार पर पूरी तरह से हैं।
जांच की गहराई और ACB की कार्रवाई
ACB की जांच में अब तक ₹38 करोड़ से अधिक की गड़बड़ी की बात सामने आई है। जांच में छापेमारी की गई, और लगभग 14 लोगों को आरोपी बनाने की प्रक्रिया में कहा गया है, जिनमें तत्कालीन उत्पाद विभाग के आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे भी शामिल हैं।
साथ ही, ACB ने छत्तीसगढ़ के पूर्व विशेष सचिव ए.पी. त्रिपाठी के खिलाफ प्रोडक्शन वारंट दाखिल किया, और उनसे रांची कोर्ट में पेश होने का आग्रह किया गया है।
वारंट और गिरफ्तारी की तैयारी
महाराष्ट्र और गुजरात में कार्यरत प्लेसमेंट एजेंसियों से जुड़े सात आरोपियों के खिलाफ भी ACB ने वारंट जारी करने की मांग की है। इसमें महाराष्ट्र की “मार्शन इनोवेटिव सिक्योरिटी सर्विसेज” के मालिकों के नाम शामिल हैं।
जांच बढ़ने पर ACB ने रांची की विशेष अदालत में दस्तावेज भी जमा कर दिए हैं, जिससे आरोपियों की गिरफ्तारी का मार्ग खुल गया है।
अदालत की स्थिति और आगे की कार्यवाही
न्यायालय ने अब तक कई आरोपियों (जैसे महाराष्ट्र–गुजरात व झारखंड क्षेत्र के) का अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई की और ACB को केस डायरी पेश करने का आदेश दिया। अगली सुनवाई 8 जुलाई 2025 को होगी।
ऐसे में ए.पी. त्रिपाठी को अब जांच में शामिल किया जा रहा है और उनसे विस्तृत पूछताछ की योजना है। इसके साथ ही अदालत में उनकी आमद जरूरी मानी जा रही है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0