आगरा की दो बहनों का ब्रेनवॉश कर धर्मांतरण: कोलकाता से बरामद, 6 राज्यों में रेड, 10 गिरफ्तार

Two sisters from Agra brainwashed and converted: recovered from Kolkata, raids in 6 states, 10 arrested आगरा की दो बहनों का ब्रेनवॉश कर धर्मांतरण: कोलकाता से बरामद, 6 राज्यों में रेड, 10 गिरफ्तार
 0
आगरा की दो बहनों का ब्रेनवॉश कर धर्मांतरण: कोलकाता से बरामद, 6 राज्यों में रेड, 10 गिरफ्तार

आगरा की दो बहनों का ब्रेनवॉश कर धर्मांतरण: कोलकाता से बरामद, 6 राज्यों में रेड, 10 गिरफ्तार

आगरा/कोलकाता | विशेष रिपोर्ट आगरा से चार महीने पहले लापता हुईं दो सगी बहनें आखिरकार 1300 किलोमीटर दूर कोलकाता से बरामद की गई हैं। इस केस ने उत्तर प्रदेश ही नहीं, देशभर को हिला दिया है। जांच में सामने आया है कि यह सिर्फ दो बहनों के धर्मांतरण का मामला नहीं, बल्कि एक सुनियोजित अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय मॉड्यूल है, जो युवाओं का ब्रेनवॉश कर इस्लाम धर्म में कन्वर्ट करा रहा है।

 मामला क्या है?

2021 में आगरा की एक लड़की मुस्कान (बदला हुआ नाम), जो एमफिल कर रही थी, की दोस्ती कॉलेज में पढ़ने वाली एक लड़की साइमा (ऊधमपुर, जम्मू-कश्मीर) से हुई। साइमा ने मुस्कान को इस्लाम धर्म के बारे में वीडियो दिखाने शुरू किए और धीरे-धीरे उसका ब्रेनवॉश किया। मुस्कान ने परिवार से छिपाकर नमाज पढ़ना शुरू कर दिया और हिंदू रीति-रिवाजों का विरोध करने लगी।

जब परिजनों ने मोबाइल छीन लिया, तो मुस्कान ने छोटी बहन (तब 16 साल की) को इस्लाम से जोड़ना शुरू किया। दोनों बहनों ने साइमा के जरिए रीत बनिक उर्फ मोहम्मद इब्राहिम से संपर्क किया, जो इंस्टाग्राम पर धर्मांतरण से जुड़े पोस्ट करता था।

इस्लाम कबूल, नाम बदला, निकाह की तैयारी

मार्च 2024 में जब परिवार दिल्ली गया हुआ था, तभी दोनों बहनें घर से भाग निकलीं। कोलकाता पहुंचने से पहले उन्हें एक मस्जिद में कलमा पढ़वाया गया और कानूनी प्रक्रिया से इस्लाम कबूल कराया गया। बड़ी बहन अब "अमीना" और छोटी "जोया" के नाम से पहचानी जा रही थीं। मुस्लिम बस्ती में उन्हें छिपाकर रखा गया, और निकाह की योजना बनाई जा रही थी ताकि वापसी असंभव हो जाए।

 सोशल मीडिया से फंसाने का जाल

रीत बनिक और उसकी टीम सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं और धर्म परिवर्तन के इच्छुक लोगों को तलाशते हैं। इसी जाल में ये दोनों बहनें फंसीं। इब्राहिम ने न सिर्फ इनकी सोच बदली, बल्कि कदम-दर-कदम पूरी योजना तैयार की।

 6 राज्यों में छापेमारी, 10 गिरफ्तार

पिता की शिकायत पर 41 दिन बाद 4 मई 2025 को FIR दर्ज हुई। डीजीपी के संज्ञान के बाद पुलिस ने 7 टीमें बनाईं।

इन राज्यों में छापे मारे गए:

पश्चिम बंगाल (कोलकाता, बैरकपुर)

उत्तर प्रदेश (आगरा)

उत्तराखंड (देहरादून)

राजस्थान (जयपुर)

गोवा

उत्तर प्रदेश (मुजफ्फरनगर)

गिरफ्तार आरोपी 

अली हसन उर्फ शेखर रॉय – बारासात कोर्ट कर्मचारी

एसबी कृष्णा उर्फ आयशा – गोवा से

ओसामा, रहमान कुरैशी – आगरा

अब्बू तालिब – मुजफ्फरनगर

अबुर रहमान – देहरादून

मोहम्मद अली, जुनैद कुरैशी – जयपुर

पुलिस के अनुसार, इनमें से कुछ आरोपी पहले हिंदू थे, जो खुद धर्मांतरण करके अब इसी नेटवर्क का हिस्सा बन चुके हैं।

 विदेश से फंडिंग का शक

पुलिस को शक है कि इस पूरे नेटवर्क के तार पांच विदेशी देशों से जुड़े हैं, जो भारत में इस्लाम धर्म के प्रचार और धर्मांतरण के लिए आर्थिक सहायता प्रदान कर रहे हैं। इन देशों के नाम अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

 क्या यह ‘द केरल स्टोरी’ जैसी स्क्रिप्ट है?

पुलिस की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, इस केस में जिस तरह से युवतियों का ब्रेनवॉश कर धर्म बदलवाया गया और फिर सोशल मीडिया के जरिए इस्लामिक विचारधारा का प्रचार करवाया गया – वह काफी हद तक फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ की कथावस्तु से मेल खाता है।

 अब सवाल यह है: मास्टरमाइंड कौन?

रीत बनिक उर्फ मोहम्मद इब्राहिम अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस के मुताबिक, वह इस नेटवर्क का मास्टर माइंड है और देश के अलग-अलग हिस्सों में छिपकर काम कर रहा है।

 यह मामला सिर्फ कानून और व्यवस्था से जुड़ा नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना से भी जुड़ा है।

➡️ इस पर समाज को, परिवारों को और युवाओं को सतर्क रहना होगा।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0