खरीफ सीजन की सशक्त तैयारी : बेमेतरा में रिकॉर्ड खाद और बीज की आपूर्ति
खरीफ सीजन की सशक्त तैयारी : बेमेतरा में रिकॉर्ड खाद और बीज की आपूर्ति
रायपुर, 3 जुलाई 2025। बेमेतरा जिले में खरीफ सीजन की तैयारी जोरों पर है। जिले में धान की बोनी लगभग पूरी हो चुकी है और कई क्षेत्रों में रोपाई का काम भी शुरू हो गया है। इस दौरान किसानों को खाद और बीज की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने प्रभावी रणनीति अपनाई है। खरीफ सीजन की नियमित समीक्षा कर कृषि विभाग जिले में खाद-बीज की आपूर्ति और वितरण की निगरानी कर रहा है।
पिछले साल की तुलना में खाद आपूर्ति में बड़ी बढ़त
जिले में इस वर्ष अब तक 141 प्रतिशत सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी) और 125 प्रतिशत एनपीके खाद की आपूर्ति हो चुकी है। वहीं, डीएपी खाद के विकल्प के रूप में एसएसपी और एनपीके का उपयोग बढ़ावा देने के लिए समितियों में प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है। वर्तमान में 2649 मीट्रिक टन एसएसपी और 515 मीट्रिक टन एनपीके खाद समितियों में उपलब्ध है।
कृषि विभाग के अनुसार, इस साल खाद आबंटन का अनुपात 70:30 (सहकारी समितियां : निजी दुकानें) रखा गया है। जिले को अब तक 51 हजार 054 मीट्रिक टन खाद प्राप्त हो चुकी है, जो संशोधित लक्ष्य का करीब 79 प्रतिशत है। इसमें से 42 हजार 988 मीट्रिक टन खाद किसानों को वितरित की जा चुकी है।
डीएपी के विकल्प के रूप में एसएसपी और एनपीके पर जोर
डीएपी की सीमित उपलब्धता को देखते हुए किसानों को सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी) और एनपीके खाद के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। एसएसपी में 16 प्रतिशत फास्फोरस और 11 प्रतिशत सल्फर होता है, जो फसलों की बेहतर वृद्धि के लिए लाभकारी माना जाता है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को जागरूक करने के लिए समितियों में बैनर और पोस्टर लगाए गए हैं।
बीज वितरण में भी रिकॉर्ड बढ़त
इस खरीफ सीजन में बीज वितरण में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले वर्ष जहां 19 हजार 742 क्विंटल बीज वितरित किए गए थे, वहीं इस वर्ष अब तक 22 हजार 375 क्विंटल बीज किसानों को दिए जा चुके हैं। यह पिछले वर्ष की तुलना में 113 प्रतिशत अधिक है।
किसानों से शीघ्र खाद-बीज के उठाव की अपील
राज्य शासन ने किसानों से अपील की है कि वे समय रहते समितियों से अपनी जरूरत के खाद और बीज का उठाव कर लें। खाद-बीज वितरण को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए सहकारी समितियों और कृषि विभाग के मैदानी अमले को निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही किसानों को डीएपी के विकल्प के रूप में एसएसपी और एनपीके के वैज्ञानिक उपयोग की जानकारी भी दी जा रही है।
सुनियोजित प्रबंध से खेती को मिली रफ्तार
सरकार की प्रभावी रणनीति और विभागीय निगरानी के चलते बेमेतरा जिले में कृषि कार्यों को अच्छी गति मिली है। खाद-बीज की समुचित उपलब्धता से किसानों में उत्साह है और उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की संभावना बन रही है।
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