रासायनिक खादों की कालाबाजारी पर सख्ती, समितियों में पर्याप्त भंडारण के निर्देश
रासायनिक खादों की कालाबाजारी पर सख्ती, समितियों में पर्याप्त भंडारण के निर्देश
रायपुर, 28 जून 2025 प्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय बाजार में डीएपी खाद की कमी को देखते हुए किसानों के लिए वैकल्पिक खाद का विकल्प तैयार किया जा रहा है। सहकारिता विभाग ने खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उर्वरक कंपनियों और संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर आपूर्ति व्यवस्था की गहन समीक्षा की।
बैठक में निर्देश दिए गए कि रासायनिक खाद की कालाबाजारी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और केंद्र संचालकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही प्रदेश की 2058 सहकारी समितियों में खाद का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने और किसानों को उनकी मांग के अनुरूप खाद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि खरीफ विपणन वर्ष 2025 के लिए 10.73 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद का लक्ष्य रखा गया है। इसके विरुद्ध अब तक 5.85 लाख मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया जा चुका है और किसानों को 4.37 लाख मीट्रिक टन खाद का वितरण हो चुका है। वर्तमान में समितियों में 1.18 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है।
डीएपी, एनपीके, यूरिया और अन्य खाद की स्थिति:
डीएपी: 78,331 मीट्रिक टन लक्ष्य के विरुद्ध 75,428 मीट्रिक टन भंडारण और 61,137 मीट्रिक टन वितरण। 14,291 मीट्रिक टन स्टॉक उपलब्ध।
एनपीके: 3.16 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य के विरुद्ध 93,467 मीट्रिक टन भंडारण और 74,545 मीट्रिक टन वितरण। 18,922 मीट्रिक टन स्टॉक उपलब्ध।
यूरिया: 4.54 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य के विरुद्ध 2.88 लाख मीट्रिक टन भंडारण और 1.91 लाख मीट्रिक टन वितरण।
एमओपी: 46,360 मीट्रिक टन लक्ष्य के विरुद्ध 55,611 मीट्रिक टन भंडारण और 29,851 मीट्रिक टन वितरण।
एसएसपी: 1.76 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य के विरुद्ध 1.28 लाख मीट्रिक टन भंडारण और 65,878 मीट्रिक टन वितरण।
वैकल्पिक खादों के लिए जागरूकता
डीएपी की कमी के चलते एनपीके, नैनो यूरिया और नैनी डीएपी के छिड़काव को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए गए हैं। किसानों को वैकल्पिक खाद के उपयोग और इसके फायदों के प्रति जागरूक करने का अभियान चलाया जाएगा।
बैठक में अपेक्स बैंक, सहकारिता विभाग, कृषि विभाग, मार्कफेड और उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी खाद आपूर्ति और भंडारण को लेकर सुझाव दिए। विभागीय अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि खरीफ सीजन में किसानों को खाद की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी और लगातार खाद आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
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