सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के अंश मेरे पास हैं: श्री श्री रविशंकर के दावे पर संत समाज भड़का, उठे सवाल
सोमनाथ ज्योतिर्लिंग, जो बारह ज्योतिर्लिंगों में पहला और सबसे प्राचीन माना जाता है, अब एक नये विवाद का केंद्र बन गया है।
आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने हाल ही में दावा किया है कि उनके पास सोमनाथ शिवलिंग के अंश मौजूद हैं। इस बयान ने संत समाज, शंकराचार्यों और मंदिर ट्रस्ट के महंतों के बीच भारी नाराजगी और विरोध की लहर खड़ी कर दी है।
📌 क्या कहा श्री श्री रविशंकर ने?
श्री श्री रविशंकर ने एक आध्यात्मिक कार्यक्रम के दौरान कहा –
> "सोमनाथ मंदिर के मूल शिवलिंग के कुछ अंश मेरे पास सुरक्षित हैं। यह धरोहर वर्षों पुरानी है और श्रद्धा से जुड़ी हुई है।"
उनका कहना है कि ये अंश उन्हें एक पुराने साधु से मिले थे, जिन्होंने आक्रमणों के दौरान शिवलिंग के टुकड़े को सुरक्षित रखा था।
⚡ शंकराचार्यों और संतों की तीखी प्रतिक्रिया
शंकराचार्य स्वरूपानंद आश्रम के प्रतिनिधियों ने इस बयान को "सनातन परंपराओं का अपमान" बताया।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने कहा –
> "ज्योतिर्लिंग की पवित्रता का मजाक नहीं बनाया जा सकता। अगर कोई व्यक्ति कहता है कि अंश उसके पास हैं, तो यह प्रमाणिकता पर सवाल खड़ा करता है। यह धार्मिक भावना को आहत करने वाला है।"
🛕 मंदिर ट्रस्ट की चुप्पी, मगर अंदरूनी हलचल
सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट ने इस मामले पर आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, बोर्ड इस दावे की सच्चाई की जांच करवाने पर विचार कर रहा है।
🔍 इतिहास और विवाद का कनेक्शन
सोमनाथ मंदिर को अतीत में कई बार विदेशी आक्रमणकारियों द्वारा तोड़ा गया। कहा जाता है कि हर बार इसे पुनर्निर्मित किया गया। यह दावा अगर सही निकला, तो यह इतिहास की कई परतें खोल सकता है, लेकिन अगर गलत निकला, तो श्रद्धा पर गहरा धक्का लगेगा।
🚩 क्या आगे होगा?
संत समाज ने श्री श्री रविशंकर से सार्वजनिक रूप से प्रमाण प्रस्तुत करने की मांग की है।
कुछ संगठनों ने कानूनी कार्रवाई की भी बात कही है।
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